49 लिपिकों की नियुक्ति की नहीं मिली हरी झंडी

भभुआ नगर : सरकारी कामकाज के निबटारे में लिपिकों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. लेकिन, रोहतास जिले से अलग होने के बाद 1991 में जब कैमूर जिला बना उसके बाद से ही सरकारी कर्मियों की कमी से जिला बेहाल है. जिले में लिपिक के दो सौ स्वीकृत पदों में सिर्फ 130 लिपिक ही अभी कार्यरत […]

भभुआ नगर : सरकारी कामकाज के निबटारे में लिपिकों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. लेकिन, रोहतास जिले से अलग होने के बाद 1991 में जब कैमूर जिला बना उसके बाद से ही सरकारी कर्मियों की कमी से जिला बेहाल है.
जिले में लिपिक के दो सौ स्वीकृत पदों में सिर्फ 130 लिपिक ही अभी कार्यरत हैं. वहीं रोहतास जिले से 49 लिपिकों की स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक लिपिकों की नियुक्ति यहां नहीं हो पायी है. जबकि, सरकार के पास 49 लिपिकों की नियुक्ति का प्रस्ताव बना कर भेजा जा चुका है. सिर्फ लिपिक ही नहीं अन्य कर्मचारियों की भी घोर कमी है.
जिले में राजस्व कर्मचारी के 150 स्वीकृत पदों में सिर्फ 70, पंचायत सचिव के 150 पदों में 70 व अमीन के 39 स्वीकृत पदों में मात्र एक अमीन है. पांच संविदा पर अपनी ड्यूटी दे रहे. अमीनों की कमी से जिले में भू-मापी के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. भूमि अतिक्रमण, भूमि विवाद आदि से संबंधित कई मामले पेंडिंग पड़े हुए हैं.

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