नगर पर्षद के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लोग करते रहे नारेबाजी
अधिकारियों के 15 दिनों में हालत सुधार दिये जाने के आश्वासन पर हटा जाम
भभुआ सदर : नगर पर्षद की कारगुजारियों के चलते भीषण जलजमाव की समस्या से जूझ रहे वार्ड संख्या 11 के निवासियों के सब्र का बांध सोमवार को अंतत: टूट गया.
लगभग दो हजार की आबादी इस समस्या के विरोध में सोमवार को सुबह नौ बजे सड़क पर उतर गयी और नगर पर्षद के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी करते हुए शहर का लाइफलाइन कहे जानेवाले भभुआ-मोहनिया मुख्य सड़क को जाम कर रोड पर ही बैठ गये. इस दौरान लगभग दो घंटे तक भभुआ-मोहनिया सड़क जाम रहा. जाम के चलते राहगीरों सहित आने-जानेवाले लोगों को काफी परेशानी हुई.
खास कर स्कूली बच्चे जाम में फंसे रहे. जलजमाव की समस्या को लेकर सड़क जाम कर रहे लोग समस्या से निजात के लिए डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे. इस दौरान सड़क जाम किये लोगों को समझाने नगर थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह और नगर पर्षद अध्यक्ष जैनेंद्र कुमार आर्य जामस्थल अग्रवाल पेट्रोल पंप के समीप पहुंचे.
लेकिन, उन्हें लोगों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा. अंतत: जाम की सूचना पर एएसपी जगन्नाथ रेड्डी, एसडीओ ललन प्रसाद, बीडीओ मानेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे. अधिकारियों द्वारा वार्ड की हालात का मौका मुआयना कर लोगों से जल्द ही इस समस्या से निजात का हवाला दिया गया.
लेकिन, विगत वर्षों से जलजमाव की समस्या से जूझ रहे लोग निजात के लिए एक तय तिथि की मांग करने लगे. हो हल्ला के बीच ही अधिकारियों द्वारा नप अध्यक्ष के मौखिक आदेश पर नाली गली के निर्माण में लगे ठेकेदार को बुलाया गया और उसे 15 दिनों के अंदर इस समस्या से निजात दिलाने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया. सड़क जमा कर रहे लोगों का कहना था कि जलजमाव से मुक्ति को लेकर प्रशासन भले ही एक महीना का समय ले लें. लेकिन, इस समस्या से किसी भी तरह निजात दिल दें. हालांकि, शीर्ष अधिकारियों के विश्वास भरे आश्वासन से आक्रोशित लोग सड़क से हट गये, इस दौरान लगभग दो घंटे तक सड़क के दोनों तरफ जाम लगा रहा.
तीन वर्षों से है समस्या, नप नहीं देती ध्यान: वार्ड संख्या 11 में अग्रवाल पेट्रोलपंप के सामने से जानेवाले रास्ते में जलजमाव की यह समस्या पिछले तीन वर्षों से बनी हुई है.
लेकिन, नगर पर्षद के ध्यान नहीं देने और 40 लाख से बने नाली व सड़क में बरती गयी बेहिसाब अनियमितता के चलते बनने के मात्र एक ही वर्ष बाद क्षतिग्रस्त हो जाने के चलते यह समस्या घर-घर की बन गयी है. घरों में घुसे और स्थायी हुए नाले के पानी से आजिज हुए लोगों ने सोमवार को सड़क जाम कर दिया. मुहल्ले के ओमप्रकाश सिंह, नीरज कुमार, जितेंद्र उपाध्याय आदि का कहना था कि 50 दिन पहले नये नप अध्यक्ष द्वारा ध्वस्त हो चुके नाले की खुदाई शुरू करायी गयी थी. लेकिन, उसके बाद न तो नाले का निर्माण कराया गया और न ही इस नाले पर ह्रयूम पाइप ही डाला गया, जिसके चलते मुहल्ले के लगभग 400 से अधिक घरों में पानी स्थायी रूप ले चुका है.
2014 में भी की थी सड़क जाम
वार्ड 11 के लोगों का जलजमाव की समस्या से चोली-दामन का साथ रहा है. वर्ष 2014 के जुलाई महीने में भी जलजमाव की समस्या पर वार्ड के लोगों ने धरना प्रदर्शन करते हुए अग्रवाल पेट्रोल पंप के समीप सड़क जाम की थी. तत्कालीन डीएम अरविंद कुमार सिंह द्वारा तब उक्त गली में घटिया नाली व सड़क का निर्माण करनेवाले ठेकेदार पर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए जाम को समाप्त कराया गया था. लेकिन, तब से चली आ रही यह समस्या अधिकारियों के बदलने और नप में नयी सरकार बनने के बावजूद कोढ़ के सामान बढ़ती जा रही है.
डीएम की जांच समिति पर उठ रहे सवाल
डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह ने इस वर्ष 28 जून को प्रभात खबर में ”नप ने नाले में बहाया 40 लाख” नामक शीर्षक से छपी खबर पर बनने के सालभर के अंदर ध्वस्त हुए उक्त नाले व सड़क की जांच के लिए जिला निगरानी समिति के तीन सदस्यीय टीम गठित की थी. टीम में एडीएम, डीएसपी मुख्यालय व एक वरीय उपसमाहर्ता शामिल किये गये थे. लेकिन, जून से जुलाई और अब अगस्त आ गये. लेकिन, जांच टीम की रिपोर्ट कहां गयी. इसकी जानकारी शायद डीएम साहेब को भी नहीं है. इधर, जांच के अंधेरे में गुम होकर जनता अब सड़क पर उतर चुकी है.
हाल फिलहाल रविवार को भी प्रभात खबर ने वार्ड नंबर 11 में भीषण जलजमाव की समस्या पर ”कीचड़ व फिसलन से बच्चों ने छोड़ा स्कूल जाना, हादसे की आशंका ” नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित कर वहां की समस्याओं से प्रशासन व नगर पर्षद को आगाह कराया था. लेकिन, कोई सुध नहीं लेने पर समस्याओं के जाल में फंसे वार्ड संख्या 11 के लोगों ने सोमवार को सड़क जाम कर दिया.
