गया व औरंगाबाद में लोहा व सीमेंट के ओवरलोडेड ट्रकों का पार कराने का करता था काम
पूछताछ में परिवहन विभाग के अधिकारियों व कई इंट्रीबाजों के नाम आये सामने
मोहनिया नगर : मोहनिया थाने की पुलिस ने औरंगाबाद व गया में एनएच दो पर इंट्री माफिया गिरोह चलानेवाला मनोज कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है. मनोज औरंगाबाद शहर के गायत्रीनगर का रहनेवाला है. उसकी गिरफ्तारी मोहनिया में एनएच दो पर महाराणा प्रताप कॉलेज के पास गुप्त सूचना के आधार पर की गयी. उसके पास से तीन मोबाइल, कई एटीएम कार्ड, 12 हजार रुपये नकद व एक स्वीफ्ट डिजायर गाड़ी बरामद की गयी है.
साथ ही पुलिस ने औरंगाबाद में गायत्री नगर स्थित उसके घर से 63 हजार रुपये बरामद किये हैं. उसकी गिरफ्तारी मोहनिया एसडीपीओ मनोज राम व मोहनिया थानेदार मनोज कुमार ने वाराणसी से लौटने के क्रम में की है. मोहनिया एसडीपीओ से पूछताछ में उसने परिवहन विभाग के कई अधिकारियों व इंट्रीबाजों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है.
एसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि कैमूर पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि इंट्रीबाजों के एक बड़े गिरोह को चलानेवाला औरंगाबाद का इंट्रीमाफिया मनोज सिंह कुछ लोहा व सीमेंट लदे ओवरलोडेड ट्रकों को बिहार की सीमा सैयदराजा में पार करा कर वापस स्वीफ्ट डिजायर गाड़ी से लौट रहा है. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे मोहनिया में एनएच दो गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने जब उसके मोबाइल को खंगाला तो कई ट्रकों के नंबर, जो भिन्न-भिन्न नंबरों पर भेजे गये थे.
उसके डिटेल्स मिले. साथ ही उसके पास से एटीएम कार्ड, 12 हजार रुपये नकद व ट्रकों के कागजात भी बरामद किये गये. पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की तो उसने बताया कि झारखंड की तरफ से आनेवाले लोहा व सीमेंट लदे ओवरलोडेड ट्रकों को एनएच दो पर बिहार की सीमा अधिकारियों व इंट्रीबाजों के रैकेट की मदद से पार कराने का काम करता है. उसका मुख्य कार्यक्षेत्र गया व औरंगाबाद जिला हैं. मनोज के गिरोह में दर्जनों लड़के काम करते हैं और वे ओवरलोडेड ट्रकों के इंट्री के इस कारोबार को परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम देते हैं. इसके लिए उन्हें मोटी रकम मिलती हैं, जिसका हिस्सा परिवहन के अधिकारियों से लेकर इंट्रीबाजों तक पहुंचता है.
उक्त इंट्री माफिया की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में परिवहन विभाग के एक अधिकारी का नाम भी सामने आया, जिसके बाद पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है. एसपी ने बताया कि साक्ष्य मिलने पर उक्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जायेगी. पूछताछ में जिन इंट्रीबाजों के नाम व सबूत सामने आयेंगे, उनकी गिरफ्तारी करने की कार्रवाई पुलिस द्वारा की जायेगी.
