दहेज प्रताड़ना में तीन वर्ष की कैद

भभुआ कोर्ट : एसडीजेएम विभा द्विवेदी की अदालत ने औरंगाबाद जिला अंतर्गत बराहपुर निवासी मोहम्मद इशहाक के पुत्र कौशर मियां को दहेज में पांच लाख रुपये की मांग करने व मांग पूरा नहीं होने पर प्रताड़ित करने के आरोप में तीन साल की कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है. अर्थदंड […]

भभुआ कोर्ट : एसडीजेएम विभा द्विवेदी की अदालत ने औरंगाबाद जिला अंतर्गत बराहपुर निवासी मोहम्मद इशहाक के पुत्र कौशर मियां को दहेज में पांच लाख रुपये की मांग करने व मांग पूरा नहीं होने पर प्रताड़ित करने के आरोप में तीन साल की कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है.
अर्थदंड की राशि नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी. गौरतलब है कि फहमीदा बेगम की शादी अपने ही गांव के कौशर मियां के साथ नौ फरवरी 2004 को मुसलिम रीति रिवाज के साथ हुई थी. शादी के महज चंद दिनों के बाद से ही उसका पति कौशर मियां अपनी पत्नी पर मायके से दहेज में पांच लाख रुपये लाने के लिए दबाव बनाने लगा.
उसकी दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर वह अपनी पत्नी फहमीदा बेगम को तरह-तरह से प्रताड़ित करने लगा. इसे लेकर फहमीदा बेगम ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष परिवाद पत्र 419/07 दायर की थी. एसडीजेएम विभा मिश्रा ने दहेज की मांग करने व मांग पूरा नहीं होने पर प्रताड़ित करने का आरोपी पाते हुए उक्त सजा दी है.

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