सदर अस्पताल में 21 दिन से एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं
भभुआ सदर : सदर अस्पताल में पिछले 21 दिनों से कुत्ते व बंदर के काटने के बाद काम आनेवाला एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं है, जिसके चलते सरकारी अस्पताल में मुफ्त मिलनेवाले एंटी रैबिज सुई के लिए मरीजों को 350 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. सदर अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन के खत्म होने की मार उन गरीबों पर भारी पड़ रही है, जिन्हें इनकी जरूरत है. शहर के सिन्हा मेडिकल के राकेश कुमार बताते हैं कि बाजार में जो एंटी रैबीज वैक्सीन है, उसका मूल्य 300 से 350 रुपये तक है.
अब स्वाभाविक है कि निहायत गरीब व्यक्ति को अगर एंटी रैबीज वैक्सीन की जरूरत होगी, तो वह चाह कर भी नहीं खरीद पायेगा. उधर, सदर अस्पताल के डॉक्टर विनय तिवारी का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को बंदर या कुत्ता काटता है तो उसे सात दिन के अंदर एंटी रैबीज सूई ले लेनी चाहिए. अन्यथा उस मरीज को रैबीज हो सकता है और समुचित इलाज ना होने के चलते मरीज के जीवन पर भी खतरा हो सकता है. शुक्रवार को सदर अस्पताल अपने बच्चे को एंटी रैबीज सूई लगवाने पहुंचे चैनपुर के लक्ष्मण लाल श्रीकिशुन का कहना था कि पिछले तीन दिनों से सूई के लिए अस्पताल आ रहे हैं, लेकिन सूई नहीं मिली तो बाहर से खरीद कर लाना पड़ा. वहीं शुक्रवार को ही दर्जनों वैसे मरीज भी बैरंग लौट गये, जो एंटी रैबिज वैक्सीन के लिए सदर अस्पताल आये थे.
सदर अस्पताल में रैबिज वैक्सीन के काफी दिनों से हो रही किल्लत पर सिविल सर्जन डाॅ केवीपी सिंह का कहना था कि मुख्यालय से वैक्सीन की मांग की गयी है. मुख्यालय से आते ही मरीजों को उपलब्ध करा दी जायेगी.
