राइफल छीनने व जीप फूंकने का किया प्रयास

दुस्साहस. पुलिसवालों को चारों तरफ से घेर कर की धक्का-मुक्की व हाथापाई चौथी गांव में केस का अनुसंधान करने गयी थी सदर थाने की पुलिस ग्रामीणों ने पुलिसवालों से की गाली-गलौज एसआइ के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल आठ नामजद व 25 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज भभुआ नगर : सदर थाना क्षेत्र के चौथी […]

दुस्साहस. पुलिसवालों को चारों तरफ से घेर कर की धक्का-मुक्की व हाथापाई

चौथी गांव में केस का अनुसंधान करने गयी थी सदर थाने की पुलिस
ग्रामीणों ने पुलिसवालों से की गाली-गलौज एसआइ के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल
आठ नामजद व 25 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज
भभुआ नगर : सदर थाना क्षेत्र के चौथी गांव में एक केस के सिलसिले में अनुसंधान करने पहुंची पुलिस को वहां के कुछ ग्रामीणों ने चारों तरफ से घेर धक्का-मुक्की व हाथापाई की. राइफल छीनने व पुलिस जीप को जलाने का प्रयास किया. सभी पुलिसवाले भाग कर अपनी जान बचायी. इस मामले में सब इंस्पेक्टर शुभेंद्र कुमार ने सदर थाने में आठ लोगों के खिलाफ नामजद सहित 25 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी है.
पता चला है कि प्राथमिक विद्यालय, चौथी के हेडमास्टर विजय नारायण पांडेय विगत 18 मई को सदर थाने में गांव के कुछ लोगों पर स्कूल में तालाबंदी व सचिव पद के लिए रजिस्टर पर जबरदस्ती साइन कराने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसे लेकर भभुआ थाने के एसआइ शुभेंद्र कुमार पुलिसकर्मियों के साथ चौथी गांव पहुंचे. वहां के ग्रामीणों से उक्त केस के संबंध में पूछताछ कर रहे थे. उसी समय गांव के कुछ लोग मजमा बना कर जिसमें विपिन कुमार, मंटू सिंह, मनमन सिंह, अनीश कुमार सिंह, सुधांशु सिंह, कलेंद्र सिंह, अजीत सिंह, दयाशंकर सिंह व 25 अज्ञात महिला पुरूष आये और पुलिसवालों के साथ गाली-गलौज करते हुए एसआइ को जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि आज तक हमारे गांव में कभी पुलिस नहीं आयी.
हम अपने मामलों का निबटारा अपने स्तर से करेंगे. इस हंगामे के बीच ग्रामीणों ने पुलिस जीप को फूंकने का भी प्रयास किया. इस मामले में एसआइ शुभेंद्र कुमार ने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. अपने दिये गये आवेदन में उन्होंने बताया है कि शनिवार को दिन में करीब ढाई बजे वह पुलिस के जवान हरिनारायण पासवान, सिपाही सुरेश कुमार, राकेश कुमार, महेश कुमार के साथ सरकारी वाहन से भभुआ थाना कांड संख्या 284/17 के अनुसंधान में ग्राम चौथी गये थे.
वहां जाने के बाद गांव के ही विपिन कुमार सिंह, मंटू सिंह, मनमन सिंह, विश्राम सिंह वहां आ गये और साथ ही उनके साथ इस केस के आरोपित कलंदर सिंह, अजीत सिंह व दयाशंकर सिंह भी शामिल थे. आने के बाद उन लोगों ने मेरा नाम और जाति पूछ कर जाती सूचक गाली देने लगे और कहने लगे कि इस गांव में आज तक कभी पुलिस नहीं आयी है.
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई इस गांव में आने की. इस दौरान उनके साथ रहे 20 से 25 की संख्या में महिलाएं व पुरुष सभी मिल कर हमलोगों के साथ धक्का-मुक्की तथा हाथापाई करने लगे. राइफल छीनने का प्रयास करने लगे. मामले को बढ़ते देख पुलिस के सरकारी वाहन का ड्राइवर गाड़ी को लेकर दूर भाग गया और साथ ही हम सभी पुलिस के जवान भी दौड़ कर गाड़ी में बैठ कर वहां से भाग कर अपनी जान बचायी. इसकी प्राथमिकी कर आगे की कार्रवाई में जुट गयी है.

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