100 साल की रुकमणी कुंवर को याद है 1962 के चुनाव में लगाया था अंगूठे का निशान

जिले में लोकसभा चुनाव के लिए एक जून को वोट डाले जायेंगे और मतगणना चार जून को होगी. इधर, इस बार के लोकसभा चुनाव में भभुआ वार्ड पांच की रहनेवाली 100 वर्षीय वृद्ध रुकमणी कुंवर भी वोट देने को लेकर काफी उत्साहित हैं

भभुआ सदर. जिले में लोकसभा चुनाव के लिए एक जून को वोट डाले जायेंगे और मतगणना चार जून को होगी. इधर, इस बार के लोकसभा चुनाव में भभुआ वार्ड पांच की रहनेवाली 100 वर्षीय वृद्ध रुकमणी कुंवर भी वोट देने को लेकर काफी उत्साहित हैं. वह इतनी उम्र में भी अपने मताधिकार के प्रति आज भी उतनी ही सजग हैं, जितना पहले थीं. वह कहती हैं कि जब तक जिऊंगी, तब तक वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर वोट देती रहेंगी. आज सेहत से भले ही रुकमणी कुंवर काफी कमजोर हो गयी हैं, लेकिन लोकतंत्र में अपनी सहभागिता को लेकर उनका जज्बा देखने लायक है. वह 2019 के लोकसभा चुनाव में बेटे के साथ अपने मतदान केंद्र तक गयी थीं, लेकिन इस बार वह घर से ही पोस्टल बैलेट के जरिये मतदान करेंगी. वृद्धा रुकमणी कुंवर बताती हैं, मुझे आज भी याद है, जब 1962 में पहली बार वोट के दौरान मेरे हाथ के अंगूठे का निशान लिया गया था, लेकिन समय बीतने के साथ साथ धीरे-धीरे सबकुछ बदल गया है. रुकमणी कुंवर के बेटे राजेंद्र सिंह, जवाहर सिंह बताते हैं कि चुनाव के समय माता जी पुरानी यादों की परिवार के बीच खूब चर्चा करती हैं. वह बताती हैं कि तब और आज के चुनाव में बहुत सारा अंतर हो गया है. उस दौर में प्रत्याशी पैदल और उनके समर्थक साइकिल से वोट मांगने आते थे. उस समय के चुनाव और आज प्रत्याशियों से लेकर उनके कार्यकर्ताओं में भी काफी बदलाव देखने को मिल रहा है. जहां अब महंगे वाहनों से वोट मांगने के चुनाव को भी देख रहे हैं. उम्र के अंतिम ढलान पर पहुंचने के बाद भी उनमें वोट डालने को लेकर वही पुराना उत्साह है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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