Jehanabad water crisis: काको प्रखंड के उत्तरसेरथू ग्राम पंचायत में रविवार को आयोजित ग्राम सभा विकास योजनाओं से अधिक पेयजल संकट को लेकर चर्चा का केंद्र बनी रही. पंचायत भवन परिसर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता मुखिया सरोज देवी ने की. ग्राम सभा में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से पंचायत के आठ वार्डों में नल-जल योजना पूरी तरह ठप है, जिससे हजारों लोगों के सामने पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है.
ग्रामीणों ने उठाया पेयजल संकट का मुद्दा
बैठक के दौरान अफजलपुर और मुबारकपुर के ग्रामीणों ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच घरों तक पानी नहीं पहुंचने से लोगों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं. ग्रामीणों का कहना था कि प्रखंड कार्यालय और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) में कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.
मुखिया ने विभागीय लापरवाही पर जताई नाराजगी
मुखिया सरोज देवी ने भी विभागीय उदासीनता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत के कुल आठ वार्डों में नल-जल योजना बंद पड़ी है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में पीएचईडी को कई बार लिखित आवेदन भेजे गए हैं, लेकिन अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की गई. उन्होंने कहा कि पंचायत के करीब 20 सरकारी चापाकल भी खराब पड़े हैं. उनकी मरम्मत के लिए भी कई बार विभाग को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
इन क्षेत्रों में पूरी तरह बंद है जलापूर्ति
मुखिया के अनुसार अफजलपुर, मुबारकपुर, बेम्बई, इमलिया, उत्तरसेरथू वार्ड संख्या-5 एवं 6, लटनपट्टी (पश्चिमी भाग) तथा तेतरिया में नल-जल योजना पूरी तरह बंद है. इसके कारण हजारों ग्रामीणों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
जल्द समाधान नहीं हुआ तो होगा जन आंदोलन
ग्राम सभा के अंत में ग्रामीणों ने विभाग से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पेयजल आपूर्ति बहाल कराने की मांग की, ताकि लोगों को राहत मिल सके.
