उपेंद्र नाथ वर्मा की पुण्यतिथि पर याद किया राजनीतिक सफर, सांसद-DM ने दी श्रद्धांजलि

जहानाबाद में लोकरत्न उपेन्द्र नाथ वर्मा की 15वीं राजकीय पुण्यतिथि मनाई गई। नेताओं ने उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद कर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

Jehanabad News : जहानाबाद लोकरत्न स्वर्गीय उपेंद्र नाथ वर्मा की 15वीं राजकीय पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया गया. सांसद सुरेंद्र प्रसाद, जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया, मखदुमपुर विधायक सुबेदार दास समेत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की.

समारोह के दौरान वंदे मातरम्, राष्ट्रगान और बिहार गीत की प्रस्तुति हुई. वक्ताओं ने उपेंद्र नाथ वर्मा को प्रखर समाजवादी नेता, किसान हितैषी, शिक्षाविद् और कुशल संगठनकर्ता बताते हुए उनके योगदान को याद किया.

कमजोर और वंचित वर्गों के लिए समर्पित रहा जीवन

सांसद और जिला पदाधिकारी ने कहा कि उपेंद्र नाथ वर्मा का पूरा जीवन समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों, किसानों और शिक्षा के विकास के लिए समर्पित रहा. उन्होंने अपने सामाजिक और राजनीतिक जीवन में आम लोगों के हितों को प्राथमिकता दी.

जयप्रकाश नारायण और लोहिया के विचारों से हुए प्रभावित

लोकरत्न उपेंद्र नाथ वर्मा का जन्म 23 अगस्त 1921 को मखदुमपुर प्रखंड के झमन बिगहा गांव में हुआ था. काशी विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की शिक्षा पूरी करने के बाद वे जयप्रकाश नारायण और डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों से प्रभावित हुए और सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हो गये.

विधायक से केंद्र में मंत्री तक संभाली जिम्मेदारी

उपेंद्र नाथ वर्मा ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. वे विधायक रहे और बिहार सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री तथा राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के पद पर भी रहे. इसके बाद सांसद के रूप में उन्होंने संसद में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री की जिम्मेदारी भी निभायी.

राजनीति के अलावा शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा. उनका निधन 28 अगस्त 2011 को हुआ.

हर साल राजकीय समारोह में किया जाता है स्मरण

उनके सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक योगदान को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष राजकीय समारोह आयोजित किया जाता है. समारोह के अंत में जिला प्रशासन और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने उनके आदर्शों, विचारों और जनसेवा के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.


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By मृत्युंजय कुमार

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