जहानाबाद में पैर पर गत्ता लपेटकर मरीज रेफर करने पर बड़ा एक्शन: 3 डॉक्टरों पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा, हुलासगंज प्रभारी से मांगा जवाब

जहानाबाद में स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली घटना के बाद प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है. पैर फ्रैक्चर होने के बाद दो मरीजों को प्लास्टर की जगह गत्ता लपेटकर रेफर करने के गंभीर मामले में तीन चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है.

Jehanabad News: जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है. दुर्घटना में पैर फ्रैक्चर होने के बाद दो मरीजों को प्लास्टर या पीओपी स्लैब लगाने के बजाय कार्टन (गत्ता) लपेटकर पीएमसीएच रेफर करने के गंभीर मामले में तीन चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग से विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जहानाबाद सदर अस्पताल के दो इमरजेंसी डॉक्टरों और हुलासगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के एक चिकित्सक को घोर लापरवाही का दोषी पाया गया है.

हुलासगंज सीएचसी से सदर अस्पताल और फिर PMCH तक जारी रही घोर लापरवाही

घटना गुरुवार की है, जब सड़क दुर्घटना में पैर टूटने के बाद घायल दो मरीजों को सबसे पहले हुलासगंज सीएचसी ले जाया गया था. वहां इमरजेंसी में तैनात आयुष चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र कुमार ने प्राथमिक स्तर पर प्लास्टर या स्लैब चढ़ाने के बजाय मरीजों के पैर में कार्टन का गत्ता बांधकर उन्हें जहानाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया. इसके बाद दोपहर करीब 1:30 बजे जब मरीज सदर अस्पताल पहुंचे, तो वहां इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. आफताब आलम और डॉ. मो. अंबर ने भी संवेदनहीनता दिखाई. उन्होंने न तो मरीजों का एक्स-रे कराया और न ही गत्ता हटाकर प्लास्टर लगाया, बल्कि उसी हाल में मरीजों को सीधे पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया.

डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को भेजी अनुशंसा, सीएचसी प्रभारी से 24 घंटे में मांगा जवाब

मामले की जांच जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीओ राजीव रंजन सिन्हा और प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. मीना कुमारी की दो सदस्यीय टीम ने की, जिनकी जांच रिपोर्ट में तीनों डॉक्टरों की सीधी लापरवाही उजागर हुई. कार्रवाई की पुष्टि करते हुए जहानाबाद की जिलाधिकारी छिरिड़ वाई भूटिया ने बताया, "हुलासगंज सीएचसी के डॉ. शैलेंद्र कुमार तथा जहानाबाद सदर अस्पताल के इमरजेंसी डॉक्टर मो. अंबर और डॉ. आफताब आलम की घोर लापरवाही सामने आई है. इन तीनों चिकित्सकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है. इसके साथ ही हुलासगंज सीएचसी प्रभारी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया गया है कि नियमों के विरुद्ध आयुष डॉक्टर की इमरजेंसी में ड्यूटी क्यों लगाई गई थी."

तेजस्वी यादव ने उठाए थे सवाल, किरकिरी के बाद हरकत में आया प्रशासन

पैर पर गत्ता बंधे मरीजों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक्स और फेसबुक पर राज्य सरकार व स्वास्थ्य महकमे पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने राजधानी से मात्र 45 किलोमीटर दूर स्थित सदर अस्पताल की बदहाली पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था को आईसीयू में बताया था और आरोप लगाया था कि विभाग के पास प्लास्टर चढ़ाने तक के पैसे नहीं हैं. इस राजनीतिक बयानबाजी के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था, जिसके बाद उच्चस्तरीय जांच बिठाकर दोषी चिकित्सकों पर यह सख्त प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई गई है.

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By संजय कुमार अनुराग

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