Jehanabad : फल्गु नदी में बाढ़ से कई गांवों का संपर्क टूटा

फल्गु नदी में शुक्रवार की रात को आए अत्यधिक पानी आने के कारण भारथु एवं नन्दना, डमौआ गांव के समीप फल्गु नदी का तटबंध टूटने से आधे दर्जन गांवों का सम्पर्क भंग होने से आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

घोसी. फल्गु नदी में शुक्रवार की रात को आए अत्यधिक पानी आने के कारण भारथु एवं नन्दना, डमौआ गांव के समीप फल्गु नदी का तटबंध टूटने से आधे दर्जन गांवों का सम्पर्क भंग होने से आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अत्यधिक पानी प्रवाहित होने के कारण भारथु, मेटरा, तुलसीपुर, बिजलीपुर, मोकमबिगहा, गिरधरपुर, भारथु पिंड पर एवं डमौआ खिरौटीगढ़, खिरौटी, गंधार मठ, शाहपुर, कोरमा गांव के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मिली जानकारी के अनुसार भारथु, मेटरा, मोकमबिगहा, तुलसीपुर, करमचंदबिगहा गांव के अधिकतर घर एवं पंचायत भवन में फल्गु नदी का पानी घुस गया है. फल्गु नदी का पानी घर में घुसने से घर में रखे अनाज एवं पशुओं का चारा समेत अन्य सामान नष्ट हो गया है. वहीं विद्युत पोल करीब एक दर्जन से अधिक क्षतिग्रस्त हो गया परन्तु विद्युत आपूर्ति बहाल हो गयी है. मेटरा, तुलसीपुर, बिजलीपुर, मननपुर, औकाना, मोकमबिगहा, करमचंदबिगहा गांव के लोगों ने बताया कि हमलोगों को गांव से निकलने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है और अभी तक प्रशासन के लोग कोई सुध लेने तक नहीं आए हैं. वहीं पशुओं का चारा बर्बाद होने से पशुओं के खाने के लाले पड़ गये हैं. वहीं खेतों में लगे धान के फसल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हैं. साथ ही उक्त सभी गांवों के किसानों ने मत्स्यपालन करने के लिए खोदे गए तालाब से मछली बह जाने से सब मत्स्यपालक भूखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं. हालांकि फल्गु नदी में पानी का स्तर अभी स्थाई है पर कब फल्गु का जलस्तर बढ़ जायेगा, ये तो हम सब नहीं बता सकते हैं. अब हम सबको भगवान का ही सहारा है. इधर कुछ लोग तो प्रशासन के रवैये से नाराज़ दिखते हुए कहा कि अगर प्रशासन समय रहते पूर्व से टूटे तटबंध को सही से मरम्मत करा देता है तो हम सबको दुर्दिन देखना नहीं पड़ता. सभी गांवों के लोगों में प्रशासन की बेरुखी से लोगों में काफी आक्रोश है. साथ ही मननपुर महादलित टोला एवं भारथु पिंड के महादलित परिवार के लोगों ने बताया कि प्रशासन की ओर से अभी तक राहत सामग्री भी नहीं दी गयी है जिससे सभी लोगों के बीच खाने के लाले पड़े हैं. बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से क्षतिग्रस्त हुए फसल एवं मछली का सही तरीक़े जांच कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है.

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Published by: Mintu kumar

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