jehanabad News : जहानाबाद में रामलखन सिंह यादव कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर समाहरणालय के समीप एक दिवसीय धरना दिया. धरना को संबोधित करते हुए शिक्षक नेताओं ने कॉलेज प्रबंधन पर वर्षों से शोषण और अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष हस्तक्षेप की मांग की.
1979 से शोषण का लगाया आरोप
धरना के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि वर्ष 1979 में कॉलेज की स्थापना के बाद से वे प्रबंधन समिति के कथित अत्याचार का सामना कर रहे हैं. उनका आरोप है कि कई कर्मचारी न्याय की प्रतीक्षा करते-करते दुनिया छोड़ चुके हैं, जबकि वर्तमान कर्मचारी आज भी आर्थिक और मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं.
अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने पूर्व संस्थापक सचिव पर डोनेशन के नाम पर राशि लेने, कॉलेज की जमीन और प्रबंधन से जुड़ी अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए. साथ ही वर्तमान में कॉलेज संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की.
नई प्रबंधन समिति गठन समेत कई मांगें उठाईं
धरनार्थियों ने नई प्रबंधन समिति के गठन, पूर्व सचिव के परिवार के किसी भी सदस्य को समिति से अलग रखने, स्वयं को प्रभारी प्राचार्य बताने वाले संजय कुमार यादव की नियुक्ति की जांच, मगध विश्वविद्यालय द्वारा तदर्थ समिति के गठन तथा वर्ष 2018 तक सरकार से स्वीकृत अनुदान राशि का शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के बीच शीघ्र वितरण की मांग उठाई. धरना में शिक्षक संघ के सचिव प्रो. राजेश्वर प्रसाद, अध्यक्ष प्रो. ब्रजनंदन प्रसाद सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल हुए. उन्होंने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी.
