Rakshabandhan 2026: भाई-बहन के अटूट स्नेह और पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व नजदीक आते ही जहानाबाद जिले के बाजारों में रौनक चरम पर पहुंच गई है. जिला मुख्यालय से लेकर विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण कस्बों के प्रमुख चौक-चौराहों और गलियों में रंग-बिरंगी राखियों की दुकानें सज गई हैं. पर्व को लेकर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई के लिए सुंदर और आकर्षक राखियों की अग्रिम खरीदारी शुरू कर दी है.
कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने से कीमतों में मामूली उछाल
बाजार में इस बार राखियों की कीमतों में हल्का उछाल देखने को मिल रहा है. थोक कारोबारियों के मुताबिक मोती, स्टोन, जरकन और अन्य सजावटी सामग्री की आवक और आपूर्ति प्रभावित होने के चलते कई किस्म की राखियों के दाम में ₹20 से ₹25 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. हालांकि, इसके बावजूद खरीदारी को लेकर खरीदारों और बहनों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है.
बाजार में उपलब्ध हैं ₹15 से लेकर ₹500 तक की विस्तृत रेंज
दुकानों और सड़क किनारे लगे अस्थायी स्टॉलों पर ग्राहकों के बजट और पसंद को ध्यान में रखते हुए ₹15 से लेकर ₹500 तक की राखियों की विशाल रेंज उपलब्ध है:
- पारंपरिक व फैंसी राखियां: रेशम डोरी की क्लासिक राखियों के अलावा मोती, रुद्राक्ष, स्टोन, जरकन, मेटल और अमेरिकन डायमंड जड़ित राखियां खूब पसंद की जा रही हैं.
- भगवान के स्वरूप वाली राखियां: भगवान श्रीगणेश, मां लक्ष्मी और रुद्राक्ष के डिजाइन वाली आध्यात्मिक राखियों की भारी मांग है.
- भाई-भाभी सेट व ब्रेसलेट: भाई-भाभी के लिए खास मैचिंग लुंबा सेट और ₹150 से ₹300 तक की कीमत में आकर्षक ब्रेसलेट राखियां बाजार में उपलब्ध हैं.
- प्रीमियम स्टोन राखियां: अमेरिकन डायमंड और स्टोन वाली प्रीमियम राखियों की कीमत ₹40 से ₹400 तक है.
बच्चों के लिए दिल्ली-कोलकाता से मंगाई गईं म्यूजिकल व कार्टून राखियां
बच्चों को लुभाने के लिए व्यापारियों ने दिल्ली और कोलकाता की मंडियों से विशेष राखियां मंगाई हैं. इनमें छोटा भीम, डोरेमोन, स्पाइडरमैन और पबजी जैसे लोकप्रिय कार्टून कैरेक्टर वाली राखियों के साथ-साथ म्यूजिकल लाइटिंग राखी खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरने और रक्षाबंधन की मीठी धुन बजाने वाली ये राखियां ₹50 से ₹150 के बीच बिक रही हैं.
ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारियों ने भी शुरू की थोक खरीदारी
पर्व के ऐन मौके पर माल की किल्लत न हो, इसके लिए स्थानीय बड़े व्यापारियों ने एक-दो महीने पहले ही पर्याप्त स्टॉक जुटा लिया था. अब जहानाबाद के ग्रामीण और सुदूर इलाकों के छोटे फुटकर दुकानदार भी शहर के थोक बाजार में पहुंचकर माल की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे पूरे बाजार में जबरदस्त व्यापारिक हलचल देखी जा रही है.
