Jehanabad News: घोसी प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) के सभागार में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) के प्रभावी क्रियान्वयन, समीक्षा और आगामी कार्ययोजना को लेकर एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह समीक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया.
कार्यशाला में प्रखंड के सभी मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, गणित एवं विज्ञान विषय के शिक्षक, जिला एवं प्रखंड स्तरीय तकनीकी दल के सदस्य तथा शिक्षा विभाग के पदाधिकारी शामिल हुए.
बीईओ ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मो. अफाक अंसारी ने दीप प्रज्वलित कर किया.
अपने संबोधन में बीईओ ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता, आत्म-अन्वेषण और वास्तविक जीवन से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने का बेहतर माध्यम है.
उन्होंने सभी शिक्षकों से विद्यालयों में इस शिक्षण पद्धति को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ लागू करने का आह्वान किया.
कक्षा 6 से 8 तक गणित और विज्ञान में संचालित है पीबीएल
बैठक में बताया गया कि बिहार के सभी मध्य विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक गणित और विज्ञान विषय के लिए प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण संचालित किया जा रहा है.
इसके तहत छात्र-छात्राएं समूह बनाकर पाठ्यक्रम आधारित परियोजनाएं तैयार करते हैं. परियोजना पूरी होने के बाद संबंधित शिक्षक दीक्षा ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों के कार्य को ऑनलाइन अपलोड करते हैं, जिससे उनकी प्रगति का मूल्यांकन और निगरानी की जा सके.
तकनीकी प्रक्रिया की दी गयी जानकारी
कार्यशाला में जिला तकनीकी दल के सदस्य पवन कुमार और धीरज कुमार कश्यप ने पीबीएल और इससे संबंधित एमआईपी (MIP) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी.
उन्होंने परियोजना चयन, विद्यार्थियों के समूह गठन, गतिविधियों के संचालन, मूल्यांकन प्रक्रिया और दीक्षा ऐप पर परियोजनाओं के सफल अपलोड की तकनीकी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया.
इस दौरान शिक्षकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें व्यवहारिक सुझाव भी दिए गए.
तकनीकी समस्याओं के कारण प्रभावित हुई थी गतिविधियां
समीक्षा के दौरान सामने आया कि पिछले दो महीनों में दीक्षा ऐप में तकनीकी समस्याओं, जनगणना कार्य में शिक्षकों की व्यस्तता और ग्रीष्मावकाश के कारण प्रखंड में पीबीएल गतिविधियों की गति प्रभावित हुई थी.
हालांकि अब सभी विद्यालयों में इसे फिर से गति देने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा करने का निर्णय लिया गया.
चार सदस्यीय तकनीकी समूह का हुआ गठन
शिक्षकों को समय पर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए चार सदस्यीय प्रखंड तकनीकी समूह का गठन किया गया.
इस दल को अलग-अलग संकुलों की जिम्मेदारी सौंपी गयी है, ताकि विद्यालयों में आने वाली तकनीकी और शैक्षणिक समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर लिया गया संकल्प
बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि जिला और प्रखंड स्तरीय तकनीकी दल नियमित फॉलोअप, विद्यालय निरीक्षण, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सतत सहयोग के माध्यम से प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण को और प्रभावी बनाएंगे.
सभी प्रतिभागियों ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, गतिविधि आधारित और व्यवहारिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पीबीएल को पूरी प्रतिबद्धता के साथ सफल बनाने का संकल्प लिया.
