जहानाबाद नगर. गर्मियों में संभावित हिट वेव (लू) एवं अग्निकांड के संकट से निबटने के लिए गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिलास्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता डीएम द्वारा की गई, जिसमें सभी संबंधित विभागों स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचइडी, नगर निकाय, ग्रामीण विकास, कृषि, पशुपालन, विद्युत, परिवहन, आपदा प्रबंधन, एवं पुलिस विभाग आदि के पदाधिकारियों ने भाग लिया. बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया के आलोक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना है, ताकि आगामी महीनों में संभावित भीषण गर्मी एवं लू के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं एवं जन हानि को रोका जा सके. स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर विशेष वार्ड, डॉक्टरों की तैनाती, आवश्यक दवाएं, ओआरएस, आइस पैक आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. कुल 10 स्वास्थ्य संस्थानों में रेस्पॉन्स टीम गठित की गयी है. जिले में कुल 30 एंबुलेंस कार्यरत हैं जिनमें एएनएस 08, बीएलएस 21 और एक शव वाहन सम्मिलित हैं. जल जीवन मिशन के माध्यम से 264 वार्डों में पेयजल आपूर्ति चालू है. नगर परिषदों व पंचायतों में पेयजल आपूर्ति हेतु टैंकर तैनात किये गये हैं. शिक्षा विभाग द्वारा अत्यधिक गर्मी के दिनों में स्कूलों के संचालन के लिए दिशा-निर्देश तैयार किये जा रहे हैं. प्राथमिक स्कूलों को विशेष सतर्कता के साथ संचालन करने को कहा गया है. बैनर, पोस्टर, एवं सोशल मीडिया द्वारा प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. क्या करें, क्या न करें की जानकारी दी जा रही है. नगर निकाय व ग्रामीण निकाय को प्याऊ की स्थापना, छायादार स्थानों की व्यवस्था एवं सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सुथरे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं. अग्निशमन विभाग को 24X7 के तहत अग्निशमन संचालन केंद्र का संचालन, संवेदनशील प्रतिष्ठानों का फायर ऑडिट करवाना, सभी प्राप्त कॉल का त्वरित निष्पादन एवं विभागीय मानक संचालन प्रक्रियानुसार कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया. श्रम संसाधन विभाग को लू से बचाव हेतु मजदूरों के कार्य विधि को लचीला करना, भीषण गर्मी में कार्य अवधि सुबह 6 से 11 बजे तथा अपराह्न साढे तीन से 6:30 तक निर्धारित करना, कार्य स्थल पर पेयजल एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, खुले में काम करने वाले, भवन बनाने वाले, कल-कारखानों में कार्य करने वाले मजदूरों के लिए पेयजल, आइस पैड, शेड आदि की व्यवस्था करना तथा मजदूरों के लिए लू से बचाव के लिए जागरूकता कैंप का आयोजन करना. कृषि एवं पशुपालन विभाग को फसल एवं पशु हानि को न्यूनतम करने के लिए अलर्ट किया गया है. पशु चिकित्सकों को निर्देश दिया गया है कि हिट स्ट्रोक से प्रभावित जानवरों के लिए उचित चिकित्सा व्यवस्था की जाये. गंभीर पंचायतों की पहचान की गयी है. कुल 39 पंचायतें अत्यधिक संवेदनशील पायी गयी हैं, जिनमें विशेष निगरानी एवं संसाधनों की प्राथमिकता दी जायेगी. आपदा प्रबंधन के तहत जिले में सभी वाहनों में ड्राइवर व सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति की जा चुकी है. हाइपर हीट वेव रेस्पॉन्स को-ऑर्डिनेशन की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय है. दिन के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें. पानी अधिक मात्रा में पिएं, ओआरएस का उपयोग करें. बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं व बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें. लू के लक्षण दिखने पर तुरंत पास के स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें. एडीएम द्वारा सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ सतत निगरानी रखने तथा सामूहिक रूप से आपदा से निबटने की रणनीति को ज़मीन पर उतारने का निर्देश दिया गया.
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