Jehanabad Muharram : मुहर्रम की नवमी के अवसर पर जिले के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दिनभर रोजा रखा और पांचों वक्त की नमाज अदा की. नवमी पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ताजिया जुलूस निकाला गया. यह जुलूस शांति, भाईचारे और आपसी सद्भाव के साथ शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा.
जिले के कई प्रखंडों और कस्बों में भी मुहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाला गया. जुलूस में शामिल युवाओं ने पारंपरिक लाठी-कला का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा दिखाई.
डीएम-एसपी ने शहर में फ्लैग मार्च किया
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी. शहर सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों और थाना क्षेत्रों में जगह-जगह दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) और पुलिस बल तैनात किए गए थे. पुलिसकर्मी लगातार गश्त कर कानून-व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे. जिलाधिकारी छिरिंग वॉर्ड भूटिया और पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ पूरे शहर में फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
मुहर्रम की नौवीं तारीख (तासुआ) का धार्मिक महत्व
इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की नौवीं तारीख को तासुआ कहा जाता है. इस दिन कई मुसलमान रोजा रखते हैं. इस्लामी परंपरा के अनुसार, पैगंबर मुहम्मद ने आशूरा (10 मुहर्रम) के साथ नौ मुहर्रम का भी रोजा रखने की प्रेरणा दी थी, ताकि यह इबादत एक विशिष्ट पहचान रखे.
कर्बला की ऐतिहासिक घटना
680 ईस्वी में कर्बला की घटना के दौरान नौ मुहर्रम को इमाम हुसैन और उनके साथियों के शिविर को यजीद की सेना ने चारों ओर से घेर लिया था. इसी रात इमाम हुसैन ने इबादत के लिए एक रात की मोहलत मांगी थी. मुस्लिम समुदाय इस रात को इबादत, दुआ और आत्मचिंतन की रात के रूप में याद करता है तथा अगले दिन 10 मुहर्रम (आशूरा) को हुई शहादत की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित करता है.
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