जहानाबाद में 1 अक्टूबर से शुरू होगा मध्यस्थता अभियान 3.0, न्यायिक पदाधिकारियों की बैठक में बनी रणनीति

जहानाबाद में 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक 'मध्यस्थता अभियान 3.0' आयोजित किया जा रहा है. न्यायिक पदाधिकारियों ने इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक में रणनीति बनाई. इसका उद्देश्य विवादों का त्वरित समाधान कर अदालतों का बोझ कम करना है.

जहानाबाद नगर. आगामी 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक आयोजित होने वाले मध्यस्थता अभियान 3.0 के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई. प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय सह अध्यक्ष, मध्यस्थता समिति सतीश कुमार देव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार विकास कुमार की उपस्थिति रही.

चिन्हित मामलों और अग्रसारित वादों की हुई समीक्षा

बैठक में उच्च न्यायालय, पटना की मध्यस्थता समिति और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई. इस दौरान अब तक चिन्हित किए गए मामलों और मध्यस्थता के लिए अग्रसारित वादों पर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही मामलों में हुई प्रगति की जानकारी ली गई.

अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता में लाने पर जोर

न्यायिक पदाधिकारियों ने ऐसे अधिकाधिक वादों की पहचान करने पर जोर दिया, जिनका समाधान पक्षकारों की सहमति और आपसी संवाद के माध्यम से मध्यस्थता के जरिए किया जा सकता है. बैठक में मध्यस्थता की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देशों पर विचार-विमर्श किया गया.

विवादों के त्वरित समाधान से कम होगा मुकदमों का बोझ

बैठक में कहा गया कि मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा सकता है. इससे न्यायालयों में लंबित वादों के बोझ को कम करने में भी मदद मिलेगी. पक्षकारों की सहमति से समाधान होने के कारण विवादों के निपटारे की प्रक्रिया भी अधिक सहयोगात्मक हो सकती है.

बैठक में शामिल न्यायाधीश | Prabhat Khabar Network

पक्षकारों को नोटिस देने के लिए PLV की प्रतिनियुक्ति

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ब्रजेश कुमार ने बताया कि निर्देशों के आलोक में मध्यस्थता योग्य चिन्हित वादों के पक्षकारों को नोटिस निर्गत करने के लिए पारा विधिक स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति की गई है. इसके साथ ही अभियान के उद्देश्यों और लाभों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

समय और धन की बचत में मददगार है मध्यस्थता

सचिव ने बताया कि मध्यस्थता के माध्यम से पक्षकारों के बीच आपसी सहमति, संवाद और सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवादों का समाधान किया जाता है. इससे समय और धन की बचत होती है तथा पक्षकारों के बीच संबंधों को बनाए रखने में भी सहायता मिलती है.

न्यायिक पदाधिकारियों ने सफल अभियान का लिया संकल्प

बैठक में जिला अपर सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार शर्मा, मीतू सिंह, निहारिका पुष्पांजलि, कुमारी कौशलेंद्र कुमार शुक्ला, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अदिति कुमारी, आरव जैन, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अंकित राजन, मुंशी न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कुमार सौरभ, शुभम कुमारी, रितु कुमारी, अग्रिम शर्मा, मनीष कुमार, चित्र कुंदन, दिलीप कुमार सहित न्यायिक पदाधिकारी एवं विधिक सेवा प्राधिकार के पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे. सभी ने मध्यस्थता अभियान 3.0 को सफल बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने और निर्धारित लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की.

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By मृत्युंजय कुमार

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