jehanabad News : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को लोहार समाज की ओर से हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित कर विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया. इस दौरान समाज के लोगों ने अपनी संस्कृति, भाषा, परंपरा और पहचान को बचाए रखने पर जोर दिया.
संस्कृति और इतिहास को जीवित रखना जरूरी
लोहार आदिवासी संघर्ष मंच के प्रदेश महामंत्री सह जिलाध्यक्ष धनंजय कुमार ने कहा कि जैसे-जैसे लोग गांव से शहर की ओर बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे अपनी संस्कृति, भाषा और वेशभूषा को भूलते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति से विमुख न हो, इसके लिए समाज को अपनी संस्कृति और इतिहास को जीवित रखना होगा.
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से समाज की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं के बारे में बच्चों और समाज के लोगों को जानकारी दी जाती है, ताकि समाज की सांस्कृतिक पहचान बनी रहे.
सरकार पर लगाया पहचान मिटाने का आरोप
कार्यक्रम के दौरान लोहार समाज के लोगों ने सरकार के प्रति आक्रोश भी जताया. समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मूल जाति और पहचान को मिटाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक दल विपक्ष में रहते हैं तो लोहार समाज के समर्थन में विधानसभा के गेट पर पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जाती है और समाज के साथ न्याय की मांग की जाती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद स्थिति बदल जाती है.
एसटी दर्जा बहाल करने की मांग
लोहार आदिवासी संघर्ष मंच की ओर से सरकार से मांग की गई कि लोहार समाज को संविधानिक अधिकार के तहत वर्ष 1950 से प्राप्त अनुसूचित जनजाति का दर्जा पुनः बहाल किया जाए. वक्ताओं ने कहा कि समाज लंबे समय से अपने अधिकार और सामाजिक न्याय की मांग करता आ रहा है.
सैकड़ों लोग कार्यक्रम में हुए शामिल
कार्यक्रम में महेश विश्वकर्मा, प्रमोद विश्वकर्मा, सिद्धेश्वर विश्वकर्मा, जय प्रकाश विश्वकर्मा, राहुल विश्वकर्मा, अमित विश्वकर्मा, गौतम विश्वकर्मा, राधे विश्वकर्मा, राजदेव विश्वकर्मा, केदार विश्वकर्मा, श्रीराम विश्वकर्मा, रूपेश विश्वकर्मा, रवि विश्वकर्मा, राजू विश्वकर्मा समेत सैकड़ों लोग उपस्थित हुए.
