Jehanabad News: भाकपा-माले जिला कार्यालय में अखिल भारतीय किसान महासभा की जिला कमिटी की बैठक आयोजित की गई. बैठक में किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक कॉमरेड रामबली सिंह यादव तथा भाकपा-माले के जिला सचिव कॉमरेड विजय कुमार मौजूद रहे. बैठक की अध्यक्षता किसान नेता चितरंजन पासवान ने की.
राष्ट्रीय सम्मेलन और सदस्यता अभियान पर चर्चा
बैठक में पंजाब के जालंधर में आयोजित होने वाले अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने, जिले में 25 हजार किसानों को सदस्य बनाने तथा किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई.
भूमि नीति को लेकर सरकार पर साधा निशाना
किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामबली सिंह यादव ने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी के बाद केंद्र सरकार किसानों के प्रति बदले की भावना से काम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में सैटेलाइट टाउनशिप और लैंड पुलिंग योजना के नाम पर किसानों की जमीन कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की तैयारी की जा रही है.
उन्होंने कहा कि भागलपुर के पीरपैंती में 1050 एकड़ जमीन अडानी समूह को दिए जाने के बाद अब राज्य के 11 जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप निर्माण के लिए लगभग चार लाख एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है.
लैंड पुलिंग योजना का किया विरोध
रामबली सिंह यादव ने कहा कि लैंड पुलिंग योजना के तहत किसानों को प्रत्यक्ष मुआवजा नहीं दिया जाएगा और केवल 55 प्रतिशत विकसित भूमि लौटाने की बात कही जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह किसानों की जमीन कॉरपोरेट एजेंसियों को सौंपने की साजिश है, जिसका किसान महासभा पूरे बिहार में विरोध करेगी.
किसानों की स्थानीय समस्याओं को उठाया
बैठक को संबोधित करते हुए किसान महासभा के जिला सचिव कॉमरेड शौखिन यादव ने जिले में खाद की कमी, विभिन्न सिंचाई एवं बांध परियोजनाओं में देरी तथा जलजमाव की समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बताया.
उन्होंने कहा कि घोसी प्रखंड के गोड़सर में जलजमाव, हुलासगंज के मोजनाते बांध निर्माण, जलवार नदी पर बियर निर्माण, मोदनगंज क्षेत्र में चंधरिया और बाजितपुर के बीच पक्का बांध निर्माण तथा रूपना खाड़ के स्लुइस गेट जैसी परियोजनाओं पर स्वीकृति मिलने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हुआ है.
चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
किसान नेताओं ने कहा कि किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों और सरकारी वादों को लेकर अब चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा. बैठक में किसानों के विभिन्न सवालों पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने और संघर्ष तेज करने का भी निर्णय लिया गया. बैठक में किसान महासभा और भाकपा-माले के कई पदाधिकारी एवं किसान नेता उपस्थित थे.
