Jehanabad : बालू घाट व क्रशर मशीनों पर पसरा है सन्नाटा

बिहार के साथ-साथ जहानाबाद जिले में भी बालू और गिट्टी ढोने वाले ट्रक चालक हड़ताल पर चले गये हैं. इस कार्य में लगे सभी ट्रक और डंपर के चक्के पूरी तरह ठप हैं.

जहानाबाद

. बिहार के साथ-साथ जहानाबाद जिले में भी बालू और गिट्टी ढोने वाले ट्रक चालक हड़ताल पर चले गये हैं. इस कार्य में लगे सभी ट्रक और डंपर के चक्के पूरी तरह ठप हैं. ऐसे सभी ट्रक पेट्रोल पंप और गेराज में खड़े हैं. रविवार को जहानाबाद और अरवल जिले के किसी भी बालू घाट से बालू का उठाव नहीं हुआ है और न ही किसी क्रेशर मशीन से गिट्टी का उठा हो सका है. जहानाबाद और अरवल जिले में बालू और गिट्टी ढोने वाले ट्रक मालिक और चालक रविवार और सोमवार को स्वैच्छिक हड़ताल पर हैं. ट्रक ओनर एसोसिएशन के द्वारा भी इन ट्रकों के परिचालन पर दो दिनों तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. संगठन के द्वारा ऐसे ट्रकों के परिचालन पर सख्त कार्रवाई की जायेगी. बिहार ट्रक ऑनर एसोसिएशन और ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने नयी खनन नीति 2024 में संशोधन की मांग को लेकर 2 और 3 मार्च को सांकेतिक हड़ताल की घोषणा कर रखी है. हालांकि इस हड़ताल से खाद्य सामग्री एवं अन्य सामानों के आवाजाही को अलग रखा गया है. मालवाहक ट्रकों के मालिकों पर हड़ताल का दबाव नहीं है, बावजूद इसके बहुत सारे माल ढोने वाले ट्रक मालिक भी इस सांकेतिक हड़ताल में शामिल होकर संगठन का समर्थन कर रहे हैं. जबकि गिट्टी और बालू ढ़ोने वाले ट्रैक इस हड़ताल में पूरी तरह से शामिल हैं. ऐसे सभी ट्रैकों का चक्का दो दिनों तक पूरी तरह जाम रहेगा.

हड़ताल की वजह के बारे में बताते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भानु शेखर सिंह तथा जिलाध्यक्ष सोनू कुमार ने बताया कि नयी खनन नीति लागू होने के बाद वाहन मालिकों को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. क्षमतानुसार खनन चालान लेकर परिचालन करने वाले वाहनों को कई दिक्कतें आ रही हैं, जिससे उनका संचालन प्रभावित हो रहा है. जाम के कारण चालान की समय सीमा पार कर जाती है जिसके कारण ट्रक मालिकों को 8-8 लाख रुपए तक जुर्माना देना पड़ता है. इसके अलावा लोडिंग स्थल से कांटा कर चलने के बावजूद अलग-अलग कांटों पर ट्रक पर लदे गये गिट्टी और बालू का वजन अलग-अलग बताता है, जिसके कारण भी क्षमता की लिमिट में ही माल होने के बावजूद कुछ क्विंटल वजन बढ़ जाने के कारण ट्रक मालिकों को जुर्माना देना पड़ता है. इन समस्याओं को दूर करने के लिए बिहार ट्रक ऑनर एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सह खनन एवं भूतत्व विभाग मंत्री विजय कुमार सिन्हा को मांग पत्र सौंपा था. इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने खनन और परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक कर नीति की त्रुटियों को समझा था और संशोधन का आश्वासन दिया था, लेकिन कई महीनों के इंतजार के बावजूद नीति में कोई संशोधन नहीं किया गया. इस वजह से एसोसिएशन ने 2 और 3 मार्च को ””””””””स्वेच्छिक सांकेतिक हड़ताल”””””””” करने का फैसला लिया है, इस सांकेतिक हड़ताल के बाद भी सरकार अगर कोई कदम नहीं उठाती है तो फिर संगठन सख्त कदम उठायेगी. इसके बाद भी ट्रक मालिकों का दोहन जारी रहा तो बालू-गिट्टी ढोने वाले ट्रकों के साथ-साथ आम माल ढोने वाले ट्रक भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे.

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