जहानाबाद में बदलते मौसम का असर, अस्पताल पहुंच रहे 60% मरीज वायरल फीवर और सर्दी-खांसी से पीड़ित

बार-बार बदलते मौसम के कारण लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में वायरल फीवर, सर्दी और खांसी के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।

जहानाबाद जिले में बार-बार बदल रहे मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है. कभी उमसभरी गर्मी तो कभी बारिश और उसके बाद ठंडी हवाओं के कारण लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों में 60 प्रतिशत से अधिक मरीज सर्दी, खांसी और बुखार जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित बताए जा रहे हैं.

वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ी

सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विपिन कुमार के अनुसार, इन दिनों अस्पताल में सबसे अधिक मरीज मौसमी और वायरल फीवर के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. वायरल और सीजनल फीवर के अलावा सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है. चिकित्सक के मुताबिक, सामान्य सीजनल बुखार कई मामलों में चार से पांच दिनों में ठीक हो जाता है.

कभी बारिश तो कभी उमसभरी गर्मी

इन दिनों जिले में मौसम लगातार करवट ले रहा है. कभी उमसभरी गर्मी से लोग परेशान होते हैं तो बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ जाती है और मौसम सुहाना हो जाता है. इसके एक-दो दिन बाद फिर तेज धूप निकलने से गर्मी और उमस बढ़ जाती है. मौसम में हो रहे इस बदलाव के बीच लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

तापमान में उतार-चढ़ाव से बढ़ रही परेशानी

बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ जाती है. इसके बाद तेज धूप निकलने पर तापमान और उमस में बदलाव देखने को मिलता है. चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में लगातार बदलाव के दौरान शरीर को वातावरण के अनुरूप ढलने में परेशानी हो सकती है. इसका असर खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक देखने को मिल रहा है.

सदर अस्पताल की ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या

बार-बार बदलते मौसम के कारण जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है. डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि पहले सदर अस्पताल की ओपीडी में करीब 600 से 650 मरीज पहुंचते थे, जबकि इन दिनों यह संख्या बढ़कर 700 से 800 तक पहुंच रही है. इनमें बड़ी संख्या मौसमी बीमारी से पीड़ित मरीजों की है.

सिरदर्द से लेकर वायरल फीवर तक के मरीज

अस्पताल में आने वाले मरीजों में सिरदर्द, बदन दर्द, वायरल फीवर, गले में खराश या कंजेशन, सर्दी, खांसी और जुकाम की शिकायत अधिक देखी जा रही है. वहीं इमरजेंसी में सर्दी, खांसी और बुखार के अलावा डायरिया, उल्टी और लूज मोशन के मरीज भी पहुंच रहे हैं.

बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत

मौसम में लगातार बदलाव के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में पर्याप्त आराम, संतुलित आहार और साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है. किसी तरह की गंभीर या लगातार बनी रहने वाली स्वास्थ्य समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए.

जंक फूड और दूषित पानी से भी खतरा

बदलते मौसम के बीच खान-पान में लापरवाही भी लोगों को बीमार कर सकती है. बाजार का खुला खाना, जंक फूड और दूषित पानी सर्दी-खांसी, वायरल फीवर, टाइफाइड, डायरिया, उल्टी और लूज मोशन जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं. इसलिए इस मौसम में बाहर के खाने और पानी से सावधानी बरतने की जरूरत है.

बदलते मौसम में ऐसे रखें सेहत का ख्याल

डॉ. विपिन कुमार के अनुसार, इस मौसम में घर का ताजा और सुपाच्य भोजन करना चाहिए. बाहर का जंक फूड और बहुत गरिष्ठ भोजन करने से बचना बेहतर है. पीने के लिए साफ और सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करें. घर से निकलने से पहले हल्का भोजन और पर्याप्त पानी लेना चाहिए. नींबू पानी और मौसमी फलों को भी आहार में शामिल किया जा सकता है.

तबीयत बिगड़े तो डॉक्टर से लें सलाह

चिकित्सकों के अनुसार, मौसम बदलने के दौरान थोड़ी सी सावधानी बरतकर मौसमी बीमारियों से बचाव किया जा सकता है. बाहर से लौटने के बाद व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए. यदि बुखार, सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी-दस्त या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए.

also read: जहानाबाद में महिला की गोली मारकर हत्या, पूर्व पति समेत 3 पर केस, 2 साल का मासूम हुआ अनाथ


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sanjay Anurag

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >