जहानाबाद शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद ने बड़ा कदम उठाया है. निर्धारित संख्या से कम सफाई कर्मी रखने पर नगर परिषद ने सफाई एजेंसी के भुगतान में करीब 32 लाख रुपये की कटौती का आदेश दिया है. जांच में सामने आया कि एजेंसी ने तय मानक के अनुरूप सफाई कर्मियों की तैनाती नहीं की थी.
295 सफाई कर्मियों के भरोसे चल रही शहर की सफाई
नगर परिषद के अनुसार, शहर में सफाई कार्य के लिए एजेंसी ने केवल 295 सफाई कर्मी तैनात किए हैं, जबकि एक लाख से अधिक आबादी वाले शहर में प्रतिदिन कम से कम 300 सफाई कर्मियों की तैनाती अनिवार्य है. नगर परिषद के विभागीय संचालन के दौरान 330 सफाई कर्मी कार्यरत रहते थे. इसके अलावा कई मजदूर नियमित रूप से अनुपस्थित भी पाए गए, जिससे सफाई व्यवस्था और प्रभावित हुई.
रविवार को सबसे खराब रहती है सफाई व्यवस्था
जांच में यह भी सामने आया कि रविवार को बहुत कम सफाई कर्मी ड्यूटी पर आते हैं. अधिकांश कर्मियों को केवल पटना-गया मुख्य मार्ग पर लगाया जाता है, जबकि शहर की गलियों और मोहल्लों में सफाई नाममात्र की होती है. कई इलाकों में नालियां जाम हैं, नाले बजबजा रहे हैं और कूड़े का नियमित उठाव नहीं हो रहा है.
हर महीने 60 लाख से अधिक भुगतान के बावजूद बदहाल व्यवस्था
नगर परिषद सफाई एजेंसी पथेया जेवी हर्ष बीएन जीकॉन प्रा. लिमिटेड को हर महीने 60 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करती है. इसके बावजूद शहर में गंदगी, जाम नालियां और कचरे की समस्या बनी हुई है. कई मोहल्लों में नाली का पानी सड़कों और गलियों में बह रहा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
चार महीनों में 32 लाख रुपये से अधिक की कटौती
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह ने बताया कि निर्धारित संख्या से कम सफाई कर्मी मिलने के कारण एजेंसी के भुगतान में लगातार कटौती की जा रही है. अप्रैल में 9.77 लाख रुपये, मई में 10.80 लाख रुपये, जून में 9.16 लाख रुपये और जुलाई में 8 जुलाई तक 2.42 लाख रुपये की कटौती का निर्देश दिया गया है. कुल मिलाकर करीब 32 लाख रुपये की राशि रोकी गई है.
वार्ड पार्षदों के विरोध के बाद तेज हुई कार्रवाई
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर वार्ड पार्षद लगातार विरोध जता रहे थे. हाल ही में नगर परिषद कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना भी दिया गया था. इसके बाद जिलाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया के हस्तक्षेप पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया. अब नगर परिषद ने सफाई एजेंसी के खिलाफ वित्तीय कार्रवाई करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मानकों की अनदेखी करने वालों पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे.
