जहानाबाद. एसपी कोटा किरण कुमार के निर्देश पर एससी-एसटी थाना पुलिस और पुलिस दीदी टीम (अभया ब्रिगेड) ने इक्कील स्थित विद्यालय में "ऑपरेशन विधि पालक युवक" के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया. अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं और आम लोगों को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और मानव व्यापार जैसी गंभीर चुनौतियों के प्रति जागरूक करना था.
संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया से सतर्क रहने की सलाह
कार्यक्रम के दौरान पुलिस दीदी टीम ने छात्र-छात्राओं को बताया कि बच्चे अक्सर मोबाइल पर गेम खेलते समय संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर देते हैं. इससे साइबर अपराधियों तक उनकी निजी जानकारी पहुंच सकती है. इसके बाद अपराधी फोन कर लोगों को झांसे में लेकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हैं. टीम ने सोशल मीडिया पर निजी फोटो और जानकारी साझा करने में भी सावधानी बरतने की सलाह दी.
महिला सुरक्षा और मानव व्यापार पर दी गई जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम में नया सवेरा 3.0 अभियान के तहत महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा और मानव व्यापार की रोकथाम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके.
डरें नहीं, तुरंत पुलिस से करें शिकायत
पुलिस टीम ने बच्चों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें डराता, धमकाता या ब्लैकमेल करता है तो घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसे मामलों की शिकायत तुरंत पुलिस के टोल फ्री नंबर पर करें. अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता और जागरूकता है.
बाल अपराध कानून की भी दी जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विधि विरुद्ध बालक और बालिकाओं से संबंधित कानूनों की भी जानकारी दी गई. पुलिस ने बताया कि कई बार जानकारी के अभाव में बच्चे अनजाने में अपराध कर बैठते हैं. इसलिए कानून की जानकारी होना जरूरी है, ताकि वे गलत गतिविधियों से दूर रहें और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ सकें.
कई पुलिस पदाधिकारी रहे मौजूद
जागरूकता कार्यक्रम में महिला थानाध्यक्ष अनामिका, एससी-एसटी थानाध्यक्ष पूनम, पुलिस दीदी टीम के सदस्य तथा विद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. पुलिस ने कहा कि ऐसे जागरूकता अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे, ताकि समाज को साइबर अपराध और अन्य सामाजिक अपराधों से सुरक्षित बनाया जा सके.
