Jehanabad News (संजय अनुराग की रिपोर्ट): आज से लग्न का शुभ मुहूर्त शुरू होने के साथ ही शादी-ब्याह के कार्यक्रम भी शुरू हो गए हैं. 19 जून यानी शुक्रवार से जिले में शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगी है, जिसका लोग पिछले एक महीने से इंतजार कर रहे थे. मलमास के कारण पिछले एक महीने से शादी-ब्याह सहित सभी शुभ कार्यों पर पूरी तरह विराम लगा हुआ था. अब लोग जोर-शोर से शादियों की तैयारी में लग गए हैं. जिले के लगभग सभी मैरिज हॉल बुक हो चुके हैं.
बाजारों में भारी चहल-पहल
शादी के लिए जरूरी सामानों की खरीदारी जोर-शोर से हो रही है. कपड़े और रेडीमेड की दुकानों के अलावा ज्वेलरी की दुकानों पर भी लोगों की भारी भीड़ लगी है. दूल्हे के लिए शेरवानी और दुल्हन के लिए लहंगे खरीदे जा रहे हैं. हालांकि, सोने की कीमत बहुत अधिक होने के कारण ज्वेलरी की खरीद इस बार सीमित देखी जा रही है. ज्वेलर आकाश कुमार बताते हैं कि भारी महंगाई के कारण मध्यमवर्गीय लोग अब अपने जरूरत और बजट के हिसाब से ही सोने के गहने खरीद रहे हैं.
पंचांग का विशेष गणित
हिंदी पंचांग के अनुसार, मलमास (अधिमास) में शुभ कार्य वर्जित माना जाता है. इस वर्ष जेठ के महीने में अधिमास लगा था, जिसके कारण जेठ का महीना दो महीने का हो गया. यह अंग्रेजी तिथि के अनुसार 15 मई से शुरू हुआ था, जो एक महीने तक रहने के बाद समाप्त हुआ. मलमास खत्म होने के बाद दूसरे जेठ माह के शुक्ल पक्ष में सारे शुभ कार्य किए जा रहे हैं. अब पूजा-पाठ से लेकर गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत और विवाह कार्य शुरू हो चुके हैं.
आषाढ़ माह तक लग्न
19 जून से शुरू हुआ यह लग्न शेष बचे जेठ के दिनों और फिर पूरे आषाढ़ माह तक रहेगा. इस दौरान शुभ तिथि को देखकर विवाह, तिलक, रोका और मुंडन जैसे कार्य किए जा सकेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य और चंद्र कैलेंडर के अंतर को संतुलित करने के लिए प्रत्येक 32 महीने और 16 दिन के बाद एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे मलमास कहते हैं. अब अगला मलमास तीन साल बाद वर्ष 2029 में चैत के महीने में आएगा.
