Jehanabad News (संजय अनुराग की रिपोर्ट): सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के आलोक में गठित जिला हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक में सड़क सुरक्षा और अतिक्रमण नियंत्रण से जुड़े छह महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा की गई. जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर कई निर्देश दिए गए.
चार विभागों की संयुक्त पेट्रोलिंग होगी
बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर नियमित निरीक्षण और पेट्रोलिंग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने पर चर्चा हुई. जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि पुलिस, एनएचआई, पथ निर्माण विभाग और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा नियमित पेट्रोलिंग अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो सके.
अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर सख्ती
बैठक में हाईवे सेफ्टी जोन में लाइसेंस सत्यापन और अवैध निर्माणों की पहचान को लेकर भी समीक्षा की गई. जिला पदाधिकारी ने नगर निकायों और पंचायतों द्वारा जारी निर्माण स्वीकृतियों का ऑडिट कराने का निर्देश दिया. बिना वैध हाईवे क्लीयरेंस के चल रहे निर्माण कार्यों पर तत्काल स्टॉप वर्क नोटिस जारी करने और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया.
ब्लैक स्पॉट और सुरक्षा संकेतकों का होगा ऑडिट
जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा संकेतक, रोड मार्किंग, क्रैश बैरियर, रंबल स्ट्रिप और चेतावनी बोर्ड की स्थिति का ऑडिट कराया जाए. दुर्घटना संभावित स्थलों पर प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने और ट्रॉमा सेंटर कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए.
लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
बैठक में कहा गया कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों से जुड़ा गंभीर विषय है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. जिला प्रशासन ने हाईवे पर अवैध अतिक्रमण हटाने, संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाने और सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही. बैठक में पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, एनएचआई, पथ निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
