Jehanabad News(सुनील शर्मा):अंचल अधिकारी (CO) सुधीर तिवारी एवं थानाध्यक्ष शैलेश कुमार की संयुक्त देखरेख में शनिवार को घोसी अंचल कार्यालय के सभागार कक्ष में भूमि संबंधी जनता दरबार का आयोजन किया गया. इस दौरान भूमि विवाद से जुड़े विभिन्न मामलों की गहन सुनवाई की गई, जिसमें क्षेत्र के दर्जनों लोग अपनी समस्याओं के साथ पहुंचे. अधिकारियों ने दोनों पक्षों की दलीलें गंभीरता से सुनीं और संबंधित राजस्व दस्तावेजों की जांच की.
आठ में से चार मामलों का मौके पर निष्पादन
जनता दरबार की सफलता और आंकड़ों की जानकारी देते हुए अंचल अधिकारी सुधीर तिवारी ने बताया कि जनता दरबार में इस शनिवार कुल आठ नए व पुराने मामले प्राप्त हुए थे. इनमें से चार मामलों का दोनों पक्षों की सहमति और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर मौके पर ही निष्पादन (ऑन द स्पॉट निपटारा) कर दिया गया. शेष चार मामलों में कुछ आवश्यक कागजातों की कमी और मौके पर जमीनी जांच की जरूरत को देखते हुए अगली सुनवाई आगामी शनिवार को निर्धारित की गई है. सीओ ने कहा कि इस साप्ताहिक जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को कचहरी और थानों के चक्कर काटने से बचाकर त्वरित न्याय उपलब्ध कराना तथा भूमि विवादों का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है.
कानून हाथ में न लें, प्रशासन का सहयोग करें: थानाध्यक्ष
इस मौके पर मौजूद घोसी थानाध्यक्ष शैलेश कुमार ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों में भूमि विवाद कई बार आपसी बड़े तनाव, गुटबाजी और मारपीट जैसी गंभीर घटनाओं का कारण बन जाते हैं. पुलिस और अंचल प्रशासन की यह पहली प्राथमिकता है कि ऐसे संवेदनशील मामलों को समय रहते और शुरुआत में ही सुलझा लिया जाए ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे. साथ ही उन्होंने जनता दरबार में आए लोगों से अपील की कि किसी भी विवाद की स्थिति में खुद से कानून हाथ में लेने की भूल न करें, बल्कि सीधे प्रशासन एवं स्थानीय पुलिस से संपर्क कर सहयोग लें.
बैठक में ये रहे मौजूद
इस साप्ताहिक जनता दरबार में अंचल कार्यालय के मुख्य लिपिक, सभी हल्का के राजस्व कर्मचारी, स्थानीय पुलिस पदाधिकारी तथा दोनों पक्षों के फरियादी मुख्य रूप से उपस्थित रहे. अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया कि लंबित पड़े मामलों का भी पूरी निष्पक्षता के साथ जल्द से जल्द समाधान निकाला जाएगा. प्रशासन की इस त्वरित पहल और मौके पर हुए निपटारे से आए हुए लोगों में काफी संतोष देखा गया और उन्होंने इस पारदर्शी व्यवस्था की सराहना की.
