जहानाबाद. जिले में लगातार बारिश के बाद मोरहर और दरधा नदी उफान पर है. पिछले 24 घंटे में दरधा और मोरहर नदी के जलस्तर में छह फीट से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. नदी का पानी बढ़ने से शहर के कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हो गया है और लोगों की परेशानी बढ़ गई है.
जाफरगंज पुल पर तीन फीट पानी, फिर भी आवाजाही
शहर को जाफरगंज, गोरक्षनी और धनगामा से जोड़ने वाले जाफरगंज पुल के ऊपर करीब तीन फीट पानी बह रहा है. इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं. कोई पानी के बीच से गुजर रहा है तो कुछ लोग पुल की रेलिंग पकड़कर दूसरी ओर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. नदी के किनारे जमा जलकुंभी पर भी कुछ लोगों के चढ़ने की तस्वीर सामने आई है.
पुल पर बैरिकेडिंग नहीं, सुरक्षा को लेकर सवाल
जाफरगंज पुल पर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद अब तक बैरिकेडिंग नहीं कराए जाने और पुलिस बल की तैनाती नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. ऐसी स्थिति में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल पुल पर आवाजाही रोकने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए.
जाफरगंज के निचले इलाकों में घुसा पानी
दरधा नदी के जलस्तर में तेजी से हुई बढ़ोतरी के बाद जाफरगंज के निचले इलाकों में भी पानी पहुंच गया है. नदी किनारे स्थित कई घरों में पानी प्रवेश करने के बाद लोग घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं. कुछ परिवार ऊपरी मंजिल पर रहने को मजबूर हैं.
एसएस कॉलेज पुल पर भी ढाई फीट पानी
श्याम नगर के पास दरधा नदी पर बने एसएस कॉलेज पुल के ऊपर भी करीब ढाई फीट पानी बह रहा है. इस कारण एसएस कॉलेज, डीएवी स्कूल, अंबेडकर छात्रावास और साईं मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता बंद हो गया है. लोगों को अब वैकल्पिक रास्ते से करीब 10 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ रहा है.
स्कूली बच्चों और छात्रों की बढ़ी परेशानी
शहर और स्टेशन क्षेत्र के बड़ी संख्या में बच्चे एसएस कॉलेज और डीएवी स्कूल जाते हैं. दोनों प्रमुख पुलों पर पानी चढ़ने के कारण उनका सीधा रास्ता बंद हो गया है. अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है.
गोरक्षनी मंदिर जाने में भी बढ़ी मुश्किल
ठाकुरबाड़ी स्थित दरधा-जमुना संगम घाट भी पानी से पूरी तरह भर गया है. गोरक्षनी इलाके में नदी किनारे बने कई घरों तक पानी पहुंच चुका है. संगम घाट का पैदल पुल पहले ही प्रशासन द्वारा हटा दिया गया था. ऐसे में शहर से गोरक्षनी देवी मंदिर जाने के लिए जाफरगंज पुल ही प्रमुख रास्तों में था. अब पुल पर पानी चढ़ने से श्रद्धालुओं को करीब पांच किलोमीटर घूमकर मंदिर जाना पड़ रहा है.
बाढ़ के बीच प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
दरधा नदी के बढ़ते जलस्तर ने शहर के कई संपर्क मार्गों को प्रभावित कर दिया है. प्रशासन की ओर से नदी और जलमग्न पुलों पर लगातार निगरानी की जरूरत है. खासकर जाफरगंज और एसएस कॉलेज पुल पर लोगों की आवाजाही रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है, ताकि किसी तरह की अनहोनी को टाला जा सके.
