मोबाइल गुम होते ही खाली हो गए बैंक अकाउंट, जहानाबाद में साइबर जालसाजों ने उड़ाए 1.70 लाख रुपये

jehanabad cyber crime: जहानाबाद में साइबर जालसाजों ने पीडीएस विक्रेता समेत तीन लोगों को निशाना बनाकर उनके खातों से कुल 1.71 लाख रुपये की ठगी कर ली. साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

jehanabad cyber crime: जिले में साइबर अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. गुरुवार को साइबर जालसाजों ने पीडीएस विक्रेता समेत तीन लोगों को निशाना बनाते हुए उनके खातों से कुल 1 लाख 71 हजार 500 रुपये की ठगी कर ली. पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

पीडीएस विक्रेता को झांसे में लेकर 26,500 रुपये की ठगी

लटनपट्टी गांव निवासी एवं पीडीएस विक्रेता दीपक कुमार ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने खुद को विभागीय पदाधिकारी बताकर संपर्क किया और राशन दुकान के लिए सामग्री उपलब्ध कराने का झांसा दिया. जालसाज की बातों में आकर उन्होंने 26,500 रुपये ऑनलाइन भेज दिए. भुगतान के बाद न तो सामग्री मिली और न ही आरोपी से संपर्क हो सका.

मोबाइल गुम होने के बाद खाते से निकाले 35 हजार रुपये

करौता गांव निवासी यमुना शर्मा ने पुलिस को बताया कि अरवल मोड़ के पास सब्जी खरीदने के दौरान उनका मोबाइल फोन गुम हो गया था. इसके बाद साइबर अपराधियों ने यूपीआई के माध्यम से उनके बैंक खाते से 35 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली.

तीसरे पीड़ित के खाते से उड़े 1.10 लाख रुपये

शकूराबाद थाना क्षेत्र के गया बीघा निवासी नागेंद्र कुमार ने भी साइबर थाना में मामला दर्ज कराया है. उन्होंने बताया कि मोबाइल गुम होने के बाद जालसाजों ने यूपीआई का दुरुपयोग करते हुए उनके खाते से 1 लाख 10 हजार रुपये निकाल लिए.

जांच में जुटी साइबर थाना पुलिस

तीनों मामलों में साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है.

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By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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