Jehanabad DM Janta Darbar: आमजनों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला स्तरीय जनता दरबार का आयोजन किया गया. जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं, जहां कुल 74 आवेदन प्राप्त हुए. जिलाधिकारी छिरिड वाई भूटिया ने एक-एक कर सभी मामलों की गंभीरतापूर्वक सुनवाई की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया. साथ ही अपील की कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों को अंचल स्तर पर सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक लगने वाले जनता दरबार में ले जाएं.
अस्पताल में मरीज से मारपीट और मुआवजे का उठा मुद्दा
जनता दरबार में सदर अस्पताल में मरीज के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया, जिस पर डीएम ने जांच के आदेश दिए. इसके अलावा एनएच-119डी एवं मंडई वियर परियोजना के तहत रैयतों के लंबित मुआवजा भुगतान का मुद्दा भी उठा, जिस पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया. मृत्यु के बाद आश्रितों को मिलने वाली सहायता, परिमार्जन, भूमि पर अवैध कब्जा, ट्राई साइकिल वितरण, पेंशन और विकास मित्र नियोजन से संबंधित शिकायतों पर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
बिजली बिल, नल-जल और सड़क की समस्याओं पर सख्ती
जनता दरबार में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों की भरमार रही. चापाकल बोरिंग एवं नल-जल योजना की खराबी की शिकायतों पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) को तुरंत स्थल जांच करने को कहा गया. विद्युत विपत्र (बिजली बिल) में गड़बड़ी और ट्रांसफार्मर लगाने की मांग पर विद्युत विभाग, पक्की सड़क निर्माण के लिए पथ निर्माण विभाग तथा नाली-गली निर्माण व सफाई के मामलों पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई.
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, तय समय-सीमा में हो समाधान
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि जनता दरबार में प्राप्त किसी भी आवेदन के निष्पादन में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी अधिकारियों को मामलों की नियमित समीक्षा कर पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रस्तुत करने को कहा. इस मौके पर अपर समाहर्ता (विशेष कार्यक्रम), अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), वरीय उप समाहर्ता, एसडीओ, जिला कल्याण पदाधिकारी सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे.
