jehanabad News : जहानाबाद जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने शुक्रवार को सदर अस्पताल, जहानाबाद का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, आपातकालीन सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, रेफरल व्यवस्था, निर्माणाधीन भवन, स्वच्छता, दवा की उपलब्धता सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया.
18 अगस्त तक कंक्रीटीकरण कार्य पूरा करने का निर्देश
डीएम ने नवनिर्माणाधीन अस्पताल भवन में चल रहे कंक्रीटीकरण कार्य का निरीक्षण किया. उन्होंने संबंधित कार्यकारी एजेंसी को 18 अगस्त तक हर हाल में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया. बीएमएसआईसीएल के उप महाप्रबंधक को कार्य की लगातार निगरानी करने को कहा. डीएम ने बताया कि 19 अगस्त को पुनः निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की जाएगी.
लिफ्ट स्थापना में तेजी लाने का निर्देश
निर्माणाधीन भवन में लिफ्ट स्थापना कार्य की भी डीएम ने समीक्षा की. उन्होंने संबंधित एजेंसी को कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर इसे पूरा करने का निर्देश दिया. बीएमएसआईसीएल के उप महाप्रबंधक को भवन निर्माण की प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया. डीएम ने नवंबर तक भवन का निर्माण पूरा कर अस्पताल को सभी सुविधाओं के साथ विधिवत हस्तांतरित करने का निर्देश दिया.
रात में भी सी-सेक्शन की सुविधा देने को कहा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की. उन्होंने एनेस्थेटिस्ट की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित करने और रात में भी नियमित रूप से सी-सेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक रूप से दूसरे अस्पतालों में रेफर नहीं करना पड़े.
अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने का निर्देश
डीएम ने चिकित्सकों को अनावश्यक रेफरल की प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि किसी मरीज को उच्च संस्थान में रेफर करना आवश्यक हो तो पहले उसे चिकित्सकीय रूप से स्थिर किया जाए. इसके बाद ही सुरक्षित तरीके से रेफर किया जाए, ताकि मरीज को बेहतर उपचार मिल सके.
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन, अस्पताल उपाधीक्षक, बीएमएसआईसीएल के पदाधिकारी, संबंधित अभियंता, चिकित्सक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.
