अरवल में बिना लाइसेंस धड़ल्ले से संचालित हो रही मटन-चिकन की दुकानें, खाद्य सुरक्षा मानकों की उड़ रही धज्जियां

Arwal News: अरवल में बिना लाइसेंस और नियमों के विपरीत चल रही मटन-चिकन की दुकानों से गंदगी और बीमारी का खतरा बढ़ रहा है. प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे हैं सवाल.

Arwal News: जिले में मानकों के विपरीत मटन और चिकन की दुकानें संचालित होने का मामला सामने आया है. नगर परिषद क्षेत्र में बड़ी संख्या में मांस की दुकानें बिना लाइसेंस के संचालित हो रही हैं. आरोप है कि अधिकांश दुकानदार न तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों का पालन कर रहे हैं और न ही दुकान के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रख रहे हैं. इससे मांस का सेवन करने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने के साथ-साथ राहगीरों को भी दुर्गंध और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

सड़क किनारे चल रही हैं अधिकांश दुकानें

स्थानीय लोगों के अनुसार शहर में मांस बाजार नियमों को दरकिनार कर संचालित हो रहा है. अधिकतर दुकानें सहार-अरवल पुल के पास सड़क किनारे तथा सिपाह पुल के आसपास संचालित हो रही हैं, जो अतिक्रमण के दायरे में भी आती हैं. आरोप है कि नगर परिषद की ओर से मांस कारोबारियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है और न ही उन्हें खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों का पालन करने के लिए बाध्य किया जाता है.

नगर परिषद क्षेत्र में 50 से अधिक मांस की दुकानें संचालित होने की बात कही जा रही है. वहीं, सोन नदी से मछली पकड़कर बेचने वाले मछुआरों के लिए भी मछली मंडी की व्यवस्था नहीं होने के कारण वे सड़क किनारे मछली बेचने को मजबूर हैं, जिससे गंदगी फैल रही है.

मांस की दुकानों के लिए निर्धारित हैं स्पष्ट नियम

नियमों के अनुसार मीट और मुर्गा की दुकानों में साफ पानी की व्यवस्था तथा मांस को सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज जैसी सुविधाएं होना अनिवार्य है. दुकान किसी भी धार्मिक स्थल की बाउंड्रीवाल से कम से कम 50 मीटर तथा मंदिर के प्रवेश द्वार से 100 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए.

मीट शॉप का लाइसेंस निर्धारित तकनीकी एवं प्रशासनिक मानकों के आधार पर जारी किया जाता है. इसके अलावा दुकान के भीतर पशु-पक्षियों के अवशेष जैसे हड्डी, खाल, सिर और आंत नहीं रखे जाने का भी प्रावधान है. इसके बावजूद शहर में कई दुकानदार खुलेआम बिना पर्दा लगाए सड़क किनारे मांस की बिक्री कर रहे हैं.

नगर परिषद ने शुरू कराया सर्वे

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मोनू कुमार ने बताया कि नगर परिषद की ओर से इसी माह से मांस दुकानों का सर्वे कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सर्वे पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितनी दुकानों के पास लाइसेंस है और कितनी दुकानें बिना अनुमति के संचालित हो रही हैं. उन्होंने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.


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Author: Nishikant kumr

Published by: Nikhil Anurag

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