Arwal News: किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. संयुक्त निदेशक (शस्य), मगध प्रमंडल, गया के निर्देश पर जिला स्तरीय जांच दल ने जिले के विभिन्न उर्वरक बिक्री प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की. जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर चार उर्वरक दुकानों के खुदरा उर्वरक प्राधिकार पत्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
इन दुकानों का लाइसेंस हुआ निलंबित
जिला कृषि पदाधिकारी रंजीत कुमार झा ने बताया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के उल्लंघन के आरोप में निम्नलिखित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं—
- मेसर्स लारी खादी भंडार, लारी (कुर्था प्रखंड)
- मेसर्स खुशी कृषि केंद्र, दोर्रा (करपी प्रखंड)
- मेसर्स नारायण खाद भंडार, पिपरा बंगला (अरवल प्रखंड)
- मां शांति ट्रेडर्स, सिमुआरा (कुर्था प्रखंड)
चार प्रतिष्ठानों से मांगा गया जवाब
छापेमारी के दौरान कुछ अन्य प्रतिष्ठानों में भी अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है. इनमें शामिल हैं—
- इफ्को बाजार, अरवल
- मेसर्स लक्ष्मी खाद भंडार, बैदराबाद
- मेसर्स एस.एस. ट्रेडर्स, अंगारी (करपी)
- मेसर्स नीतीश खाद भंडार, झिकटिया
किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता
जिला कृषि पदाधिकारी रंजीत कुमार झा ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है. अधिक कीमत पर खाद बिक्री और जमाखोरी की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद ही संबंधित प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई और जांच में अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की गई है.
आगे भी जारी रहेगा अभियान
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसानों को समय पर और निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध हो सके.
