जहानाबाद: घोसी के विद्यालय में साइबर अपराध और बाल अधिकारों पर जागरूकता अभियान, छात्रों को दी गई सुरक्षा की जानकारी

साइबर अपराध और बाल श्रम की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर घोसी थाना के नेतृत्व में जागरूकता अभियान चलाया गया. छात्रों को साइबर सुरक्षा और बच्चों के अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया गया.

Jehanabad Cyber Security: साइबर अपराध, बाल श्रम और बाल अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मंगलवार को घोसी थाना के थानाध्यक्ष शैलेश कुमार के नेतृत्व में उत्क्रमित मध्य विद्यालय बैरामसराय में जागरूकता अभियान चलाया गया. इस दौरान छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों को साइबर सुरक्षा तथा बच्चों के अधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई.

साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए

थानाध्यक्ष शैलेश कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, लिंक, ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करें. उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी का प्रयास हो तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाना में सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.

बाल श्रम और बाल अधिकारों पर भी किया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान थानाध्यक्ष ने बाल श्रम और बाल अपराध के विषय में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया. उन्होंने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे के साथ शोषण, हिंसा या दुर्व्यवहार होने पर इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए. बच्चों से अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की भी अपील की गई.

शिक्षकों से भी की गई अपील

अभियान के दौरान विद्यालय के शिक्षकों से कहा गया कि वे समय-समय पर विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करते रहें. शिक्षकों ने भी छात्रों से सतर्क रहने और कानून संबंधी जानकारी रखने का आह्वान किया.

जागरूक नागरिक बनने का लिया संकल्प

कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने साइबर अपराध से बचाव, बाल श्रम का विरोध करने और जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लिया. विद्यालय परिवार ने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे भविष्य में साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बच सकेंगे.

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By Sunil kumar

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