Bihar News:(संजय अनुराग) जहानाबाद के सदर अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार रात हुए पोस्टमार्टम विवाद के बाद मंगलवार सुबह अस्पताल की ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप कर दी गई. डॉक्टरों ने एक भाजपा नेता और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया है, जिसके बाद अस्पताल में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है.
ओपीडी सेवा पूरी तरह बंद
अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि ओपीडी सेवाएं तत्काल प्रभाव से बंद रहेंगी. प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार सिंह और अधीक्षक डॉ. मीना कुमारी के नेतृत्व में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. अस्पताल में सुबह से पर्ची कटना बंद हो गया, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ा.
डॉक्टरों ने लगाए गंभीर आरोप
इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. अंबर ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई. वहीं, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार सिंह ने एसपी पर कॉलर पकड़ने और बदसलूकी करने का आरोप लगाया है. डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे जिले के अस्पतालों की ओपीडी सेवा बंद कर दी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर इमरजेंसी सेवाएं भी ठप की जा सकती हैं.
इमरजेंसी सेवा पर भी असर
सुबह करीब 8:30 बजे तक प्रभारी सिविल सर्जन ने इमरजेंसी में मरीजों का इलाज किया, लेकिन इसके बाद स्थिति फिर से अस्थिर हो गई. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ समय के लिए इमरजेंसी सेवा भी प्रभावित रही. हालांकि अधीक्षक डॉ. मीना कुमारी ने कहा कि इमरजेंसी में डॉक्टर मौजूद हैं और सेवाएं जारी रखने के प्रयास किए जा रहे हैं.
प्रशासन मौके पर मौजूद
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ राजीव रंजन सिन्हा और एसडीपीओ मनीष चंद्र पांडे सदर अस्पताल पहुंचे और प्रभारी सिविल सर्जन, अधीक्षक एवं डॉक्टरों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं. अस्पताल में तनाव के बीच मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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