Bihar News:(सुजीत कुमार) अरवल के कुर्था प्रखंड के रामरतन उच्च विद्यालय के समीप सोमवार की सुबह कूड़ेदान में सरकारी दवाएं फेंकी हुई मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. स्थानीय ग्रामीणों ने जब कूड़ेदान में बिहार सरकार द्वारा आपूर्ति की गई दवाएं देखीं तो मौके पर भारी भीड़ जुट गई.
कूड़ेदान में मिली आयरन सिरप और बीपी की दवाएं
ग्रामीणों के अनुसार, कूड़ेदान में आयरन एंड फोलिक एसिड सिरप तथा बीपी (एम्लोडीपीन) की टेबलेट फेंकी हुई थीं. दवाओं पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार आयरन सिरप का मैन्युफैक्चरिंग डेट मई 2025 और एक्सपायरी डेट अक्टूबर 2026 थी, जबकि बीपी की टेबलेट का मैन्युफैक्चरिंग डेट फरवरी 2025 और एक्सपायरी डेट जुलाई 2026 दर्ज है.
ग्रामीणों में आक्रोश, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
इस तरह सरकारी दवाओं के खुले में कूड़ेदान में पाए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है. लोगों का कहना है कि एक तरफ अस्पतालों में दवाओं के लिए मरीज कतारों में खड़े रहते हैं. वहीं दूसरी ओर दवाओं का इस तरह फेंका जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है.
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल
यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि दवाओं का इस तरह निस्तारण होना या फेंका जाना विभागीय लापरवाही का परिणाम है.
जांच के आदेश, दवाएं वापस मंगाई गईं
इस संबंध में कुर्था सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को आयरन सिरप और बीपी की दवाएं वितरण के लिए दी गई थीं. जानकारी मिलने के बाद संबंधित दवाओं को वापस अस्पताल में मंगा लिया गया है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है कि दवाएं कूड़ेदान तक कैसे पहुंचीं. जांच के बाद दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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