Jehanabad News : नीट पेपर लीक मामले को लेकर आइसा और आरवाईए द्वारा आहूत बिहार बंद का जहानाबाद में मिला-जुला असर देखने को मिला. शहर में अधिकांश व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे और सड़कों पर वाहनों का परिचालन सामान्य रहा. हालांकि निजी विद्यालय और कोचिंग संस्थान बंद रहे.
छात्र संगठनों ने निकाला प्रदर्शन मार्च
बिहार बंद के दौरान आइसा और आरवाईए के बैनर तले छात्र-युवा संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में झंडे, पोस्टर और तख्तियां लेकर केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा छात्रों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया.
लाठीचार्ज के विरोध में जताया आक्रोश
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आरवाईए के जिला संयोजक डॉ. धनंजय कुमार ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद मार्च कर रहे छात्रों और पटना में राजभवन घेराव के दौरान प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में बिहार बंद बुलाया गया है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए इसकी निंदा की.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एनटीए को भंग करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने और देशभर में सभी प्रतियोगी एवं शैक्षणिक परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित कराने की मांग उठाई.
'मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन'
डॉ. धनंजय कुमार ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की भी अपील की.
चौक-चौराहों पर मुस्तैद रही पुलिस
बिहार बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी. पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर रही और स्थिति सामान्य बनी रही.
