14 साल के बाद त्वरित न्यायालय का फैसला
जहानाबाद (नगर) : अपहरण कर हत्या करने के मामले में आरोपित करपी थाना क्षेत्र के कुबड़ी गांव निवासी चंद्रशेखर शर्मा को त्वरित न्यायालय के सत्र न्यायाधीश विनय कुमार सिन्हा ने सश्रम उम्रकैद की सजा सुनायी. न्यायाधीश ने अभियुक्त शर्मा को भादवि की धारा 364/34 में दोषी पाते हुए सश्रम कारावास के साथ दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. वहीं न्यायाधीश ने अभियुक्त को हत्या करने की धारा 302 भादवि में भी दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास एवं दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. वहीं भादवि की धारा 201/34 में दोषी पाते हुए पांच वर्ष सश्रम कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी.
अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को दो माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. इस संबंध में एपीपी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि सूचक रामपरी देवी ने करपी थाना कांड संख्या 136/2003 दर्ज कराया था, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि अभियुक्त चंद्रशेखर शर्मा ने 25 अक्तूबर, 2003 को अन्य अभियुक्तों के साथ मिल कर उसके पति वामदेव शर्मा का अपहरण कर हत्या कर दी थी और लाश को गायब कर दिया था.
