साढ़े तीन घंटे बाद पोस्टमार्टम के लिए उठाया गया बच्चे का शव

जहानाबाद / मखदुमपुर : मासूम अक्षयराज की गरदन रेतकर की गयी हत्या से आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दी. सड़क जाम साढ़े तीन घंटे बाद करीब साढ़े बारह बजे दोपहर में समाप्त हुआ इसके बाद एनएच 83 पर वाहनों का परिचालन सामान्य हुआ. बच्चे को टारगेट कर नृशंस तरीके से हत्या क्यों की गयी, […]

जहानाबाद / मखदुमपुर : मासूम अक्षयराज की गरदन रेतकर की गयी हत्या से आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दी. सड़क जाम साढ़े तीन घंटे बाद करीब साढ़े बारह बजे दोपहर में समाप्त हुआ इसके बाद एनएच 83 पर वाहनों का परिचालन सामान्य हुआ. बच्चे को टारगेट कर नृशंस तरीके से हत्या क्यों की गयी, यह अभी पहेली बनी हुई है

लेकिन अब तक किये पुलिस जांच में इतना स्पष्ट हो रहा है कि घटना पुरानी रंजिश का परिणाम है. घर के पास गिरे खून के धब्बे को देखते हुए पुलिस ने शव को बरामद करने में सफलता हासिल की. एसपी आदित्य कुमार ने बताया कि मृतक के परिजन द्वारा अभी एफआइआर दर्ज नहीं करायी गयी है, उनका फर्द बयान नहीं हो सका है लेकिन प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो रहा है कि किसी व्यक्ति के साथ पुरानी रंजिश में घटना को अंजाम दिया गया है. अपराधियों ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर जान बूझकर उसकी मां के सामने घर से बच्चे को अगवा किया और हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया. एसपी ने कहा कि इस घटना में शामिल सभी अपराधियों की पहचान कर उसे शीघ्र गिरफ्तार किया जायेगा.

खून के निशान से कुएं तक पहुंची पुलिस : सीआरपीएफ के जवान सतीश कुमार अभी हाल ही में करीब बीस दिनों पूर्व नंदनपुरा माली बगीचा टोला में मकान बनाया था. घर अभी पूरी तरह नहीं बना हुआ है लेकिन गृह प्रवेश कर अर्द्ध सैनिक बल के जवान की पत्नी प्रमिला देवी और उनके दो पुत्र उसमें रह रहे थे. सीआरपीएफ जवान औरंगाबाद में ड्यूटी पर थे. तीनों मां बेटे घर में सो रहे थे. अपराधियों ने दीवार फांद घर के आंगन तक पहुंचे और एक कमरे में सोयी उक्त महिला के मुंह में कपड़े ठूंस कर उसे बंधक बना लिया और उनके एक पुत्र अक्षयराज को सोये हालत में अगवा कर मकान के बाहर उस स्थान पर फेंक दिया
जहां पहले से कुछ अन्य अपराधियों का गिरोह था. सभी अपराधी गमछे से अपना चेहरा ढके हुए थे. अपराधियों का मकसद मर्डर करने का था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बच्चे को अगवा करने के बाद घर के आसपास ही मासूम की निर्दयता पूर्वक गला रेतकर हत्या कर दी गयी. हत्या स्थल के पास से लगभग दो सौ मीटर की दूरी तक खून के धब्बे गिरे हुए थे. खून के निशान को देखते हुए पुलिस कुएं तक पहुंची. उसमें एक-दो व्यक्तियों को उतारा गया जहां से बच्चे के शव को निकाला गया.
एफआइआर दर्ज होने के बाद अनुसंधान में मामले का होगा खुलासा
शव देखते ही गांव में मचा कोहराम
मासूम का शव कुएं से निकलते ही अपने लाल की लाश देखकर प्रमीला देवी छाती पीट-पीटकर रोने लगी. वह रोते-रोते मुर्छित हो जा रही थी. गांव के लगभग सभी लोगों के बीच कोहराम मच गया. महिलाएं दहाड़ मारकर रो-चिल्ला रही थी. अपने पुत्र के शव को सीने से लपेटे प्रमिला देवी बेहोश हो जा रही थी. महिलाएं उन्हें पानी छिड़कर होश में ला रही थी, उन्हें ढांढस बंधा रही थी. उनके पैतृक गांव नारायणपुर से भी परिजन व अन्य शुभचिंतक नंदनपुरा घटना स्थल पर पहुंच गये. जिसने भी मासूम का शव देखा उनके मुंह से आह निकल रही थी. अपराधियों को पकड़ने की मांग को लेकर उतेजित लोग सड़क पर उतर गये.
एनएच 83 पटना-गया रोड को जाम किये जाने से सड़क के दोनो किनारे वाहनों की लंबी कतार लग गयी. आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. एसपी के अलावा एसडीपीओ प्रभात भूषण श्रीवास्तव, एसडीओ नवल किशोर चौधरी, मखदुमपुर के थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, टेहटा ओपी के प्रभारी ज्योति बसू घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की पड़ताल की. जाम स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की. अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तार करने के आश्वासन पर सड़क जाम समाप्त हुआ. शव का सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया.

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