अरवल ग्रामीण : स्वामी विवेकानंद की 154वीं जयंती के अवसर पर कई विद्यालयों एवं राजनीतिक संगठनों के द्वारा युवा दिवस के रूप में मनायी गयी. इस अवसर पर काफी संख्या में युवाओं ने उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उनके बताये रास्ते पर चलने का संकल्प लिया. मुख्यालय शहर अवस्थित नगर भवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला इकाई के तत्वावधान में विवेकानंद की जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाया गया. उद्घाटन पूर्व सैनिक शिवशंकर बच्चन ने किया, जबकि मुख्य अतिथि के तौर पर बिहार प्रांत के संगठन मंत्री निखिल रंजन एवं प्रदेश मंत्री मुकेश कुमार भी शामिल हुए.
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद एकांत प्रिय नहीं थे. यही कारण था कि उन्होंने अपना लंबा समय भारत भ्रमण करते हुए बिताया. इनके द्वारा किये गये कार्यों को 09 खंड में लोग जानते हैं. 40 साल के उम्र में इन्होंने जो किया वह आज भी प्रेरणा स्त्रोत है. 11 सितंबर 1893 में शिकागो में दिये भाषण से देश ही नहीं विदेश के लोग भी अनुकरण करने लगे हैं. स्वामी विवेकानंद ने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंष की मृत्यु के बाद संन्यासियों के लिए भी एक नयी व्यवस्था तैयार की. इन्होंने महान भारत के निर्माण के लिए कई यात्राएं की ओर सफलता भी हासिल किया. इनके अदम्य उत्साह व अपूर्व तेज से हमें सीख लेने की जरूरत है. इस दौरान मिथिलेश कुमार, विकास कुमार, सुध्या कुमारी, अणु कुमारी के अलावे काफी संख्या में विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे. वहीं प्रेस कंप्यूटर सेंटर ओर आदर्श कंप्यूटर सेंटर में भी स्वामी विवेकानंद की जयंती मनायी गयी.
