अनदेखी . पुल की टूटी रेलिंग से नदी में कूड़ा फेंकते हैं सफाईकर्मी
क्षतिग्रस्त दरधा नदी पर बने पुल का पाया.
जहानाबाद,नगर : पटना -गया एनएच 83 पर जिला मुख्यालय में बना दरधा नदी पुल जानलेवा बनता जा रहा है. पुल के क्षतिग्रस्त खंभ्भो की मरम्मत तो अब तक हुई नहीं ,पुल की रेलिंग भी टूट कर धराशायी हो गया है. ऐसे में कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है. जिला मुख्यालय से होकर बहने वाली दरधा नदी में अंग्रेज के जमाने में पुल का निर्माण कराया गया था. इस पुल से होकर गया,औरंगाबाद,रांची ,धनबाद ,कोलकाता ,वाराणसी आदि शहरों के लिए प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में वाहनें गुजरती है. वहीं बोधगया जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल पर जाने वाले सैकड़ों सैलानी इस पुल से होकर गुजरते हैं.
पुल की महत्ता को देखते हुए इसका रखरखाव बेहतर तरीके से होना चाहिए था लेकिन एनएच की उदासीनता के कारण यह पुल जानलेवा बन गया है. पुल के कुछ खभ्भें क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण जिला प्रशासन द्वारा इस पुल से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाया गया था लेकिन क्षतिग्रस्त पायों की मरम्मत तो हुआ नहीं भारी वाहनों का परिचालन बदस्तूर जारी रहा. अब तो पुल के ऊपर बनें रेलिंग भी टूट कर ध्राशायी हो गया है. जो हादसे को आमंत्रण दे रहा है. हालांकि इस टूटे रेलिंग का लाभ नप के सफाईकर्मी उठा रहे हैं तथा वे शहर से निकलने वाले कुड़े -कचरों को इसी टुटे हुए रेलिंग के माध्यम से नदी में फेंकते देखे जा रहे हैं.
पटना-गया जाने के लिए एक मात्र रास्ता है यह पुल : पटना गया के बीच में प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों का परिचालन होता है. इन वाहनों में अधिकांश झारखंड ,उतरप्रदेश तथा बंगाल तक की सफर करते हैं. इन वाहनों के परिचालन के लिए दरधा पुल ही एक मात्र रास्ता है.
वहीं जिला मुख्यालय में रहने वाले लोगों को भी शहर में एक तरफ से दूसरी तरफ तक जाने के लिए इस पुल का ही सहारा लेना पड़ता है. ऐसे महत्वपूर्ण पुल की जर्जर हालत पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं जा रहा है. पटना- गया मुख्य मार्ग पर बने यह पुल काफी पुराना होने के कारण मरम्मत का आस जोह रहा है.लेकिन इस पुल की मरम्मत नहीं होने से यह कभी भी धराशायी हो सकता है.
भारी वाहनों के परिचालन पर लगा दी गयी थी रोक
दरधा पुल की पाये क्षतिग्रस्त होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा इस पुल से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाया गया था. इस बीच एनएचआइ के अधिकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त पायों का जायजा भी लिया गया तथा उसकी मरम्मत की भी बात कही गयी लेकिन क्षतिग्रस्त पायो की मरम्मत नहीं हुई वहीं दूसरी तरफ एक पखवारे में ही भारी वाहनों के परिचालन पर लगे रोक को हटा लिया गया . अब जबकि पुल के रेलिंग भी टूट कर धराशायी हो गया है ऐसे में बड़े पैमाने पर पुल की मरम्मत की जरूरत महसुस की जा रही है.
अधिकारियों को सूचित िकया है
दरधा पुल का रेलिंग टूटने की जानकारी मिली है.इस संबंध में एनएचआइ के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है.शीघ्र ही टूटे हुए रेलिंग की मरम्मत करा दी जायेगी.
डाॅ.नवल किशोर चौधरी,एसडीएम
