भट्ठा मालिकों पर लाखों बकाया

गड़बड़ी. जिले में निबंधित है 62 सौ व्यवसायी, 758 ही जमा करते हैं टैक्स कई चिमनी भट्ठा पर चल रहा है सर्टिफिकेट केस जहानाबाद सदर : ईंट भट्ठा संचालकों पर माइनिंग विभाग ने टैक्स जमा नहीं करने पर खनन पदाधिकारी द्वारा नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है. कई भट्ठा संचालकों पर खनन विभाग […]

गड़बड़ी. जिले में निबंधित है 62 सौ व्यवसायी, 758 ही जमा करते हैं टैक्स

कई चिमनी भट्ठा पर चल रहा है सर्टिफिकेट केस
जहानाबाद सदर : ईंट भट्ठा संचालकों पर माइनिंग विभाग ने टैक्स जमा नहीं करने पर खनन पदाधिकारी द्वारा नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है. कई भट्ठा संचालकों पर खनन विभाग ने प्राथमिकी भी दर्ज करायी है. फिर भी अधिकांश संचालक टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं. जहानाबाद एवं अरवल जिले में संचालित कई भट्ठा के संचालक सेल टैक्स भी जमा नहीं कराया है. सेल टैक्स विभाग द्वारा टैक्स जमा करने को लेकर कई ईंट भट्ठा के संचालकों को नोटिस भेज कर टैक्स जमा करने का निर्देश भी दिया गया है तो कई ईंट भट्ठा संचालक पर विभाग ने सर्टिफिकेट केस भी कर रखा है.
फिर भी जहानाबाद एवं अरवल जिला के दर्जनों ईंट भट्ठा संचालक पर लाखों रुपये का टैक्स बकाया है. सेल टैक्स विभाग में जहानाबाद एवं अरवल जिले में संचालित 212 ईंट भट्ठा निबंधित है. हैरत की बात यह है कि माइनिंग विभाग में 147 भट्ठे का संचालन होने की ही सूची उपलब्ध है. जहानाबाद जिले में सेल टैक्स विभाग में निबंधित व्यवसायियों की संख्या 6200 है. जिसमें महज 758 व्यवसायियों द्वारा ही टैक्स जमा किया जाता है. अगर इस पर गौर किया जाय तो सिर्फ शहर में ही लगभग 08 हजार व्यवसायी व्यवसाय का संचालन कर रहे हैं. इसके अलावा मखदुमपुर बाजार, घोसी बाजार, हुलागंज, बंधुगंज, मोदनगंज, ओकरी, काको, शकुराबाद आदि जगहों पर भी सैकड़ों की संख्या में व्यवसायियों द्वारा अपने व्यवसाय का संचालन किया जा रहा है. इसमें 6200 व्यवसायी तो सेल टैक्स विभाग में अपना निबंधन करा लिये हैं. लेकिन इससे दुगना व्यवसायियों द्वारा आज तक अपना निबंधन विभाग में नहीं करा पाये हैं. हैरत की बात है कि महज 758 व्यवसायियों द्वारा ही टैक्स जमा किया जाता है. बाजार में संचालित कई ऐसे व्यवसाय हैं जो टैक्स भरकर ही सामान मंगवातें हैं. फिर भी वैसे व्यवसायियों की संख्या उतनी नहीं है. बाजार में संचालित अधिकांश व्यवसायी अपनी बिक्री कम दिखाकर ही टैक्स जमा करते हैं.
ईंट भट्ठा.
क्या कहते हैं अधिकारी
आगामी एक अप्रैल से जीएसटी बिल लागू होने के बाद टैक्स का झंझट समाप्त हो जायेगा. जीएसटी बिल लागू होने के बाद सभी व्यापारियों को टैक्स जमा करना अनिवार्य हो जायेगा. व्यवसायियों द्वारा टैक्स जमा किया जाता है. जिस व्यवसायी पर शक होता है टैक्स कम जमा किया है उसकी जांच करायी जाती है और उस पर जुर्माना वसूली की कार्रवाई भी की जाती है.
नरेंद्र प्रताप सिंह, सहायक वाणिज्यकर आयुक्त, जहानाबाद

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