दवाओं की किल्लत से जूझता रहा अस्पताल

मरीजों का हाल-बेहाल, बाहर से खरीदते रहे दवा जहानाबाद नगर : वर्ष 2016 में पूरे साल दवाओं की किल्लत से सरकारी अस्पताल जूझता रहा. वहीं मरीज भी बेहाल रहे. उन्हें अपनी मर्ज की दवा बाहर से खरीदनी पड़ी. हालात इस कदर खराब रहे कि जीवन रक्षक दवाएं भी नदारद रहीं. ऐसे में असहाय व गरीब […]

मरीजों का हाल-बेहाल, बाहर से खरीदते रहे दवा

जहानाबाद नगर : वर्ष 2016 में पूरे साल दवाओं की किल्लत से सरकारी अस्पताल जूझता रहा. वहीं मरीज भी बेहाल रहे. उन्हें अपनी मर्ज की दवा बाहर से खरीदनी पड़ी. हालात इस कदर खराब रहे कि जीवन रक्षक दवाएं भी नदारद रहीं. ऐसे में असहाय व गरीब मरीज बिना दवा के ही अपना इलाज कराते रहे. अस्पताल में मरीजों की संख्या तो काफी बढ़ी. इस वर्ष करीब सात लाख से अधिक मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में कराया गया, लेकिन उन्हें जरूरत के अनुसार दवाएं उपलब्ध नहीं करायी गयीं.
जिले के सरकारी अस्पतालों में दवाएं नदारद रहीं और मरीज पस्त. बेदम परिजन बेचारे स्वास्थ्य सेवाओं का इतना बुरा हाल देख कभी व्यवस्था को कोस रहे, तो कभी खुद को. जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता भी सिफर रही. ऐसे में गरीब- गुरबा मरीज बेचारे भगवान भरोसे ही इन अस्पतालों में अपना इलाज कराते रहे. हालांकि अस्पताल प्रबंधन राज्य स्वास्थ्य समिति को इन दवाओं का डिमांड भेजने की जानकारी देकर अपना पल्ला झाड़ता रहा.
शहर के सदर अस्पताल, मखदुमपुर-घोसी के रेफरल अस्पताल समेत सभी पीएचसी, एपीएचसी और स्वास्थ्य केंद्रों में सालों भर सरकारी स्तर पर मिलने वाली दवाओं की घोर किल्लत रही. ओपीडी में 33 के बदले 18 और इनडोर में 112 के बदले सिर्फ 45 दवाएं ही मरीजों को मिलती रहीं. कुछ गंभीर बीमारियों के मरीजों को सीधे पीएमसीएच रेफर करने की प्रवृत्ति के बीच जरूरी दवाइयां नहीं मिलने से लोग परेशान रहे. हालांकि दवाओं की कमी के बावजूद भी मरीजों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती ही रही. इस वित्तीय वर्ष में सात लाख से अधिक मरीजों का इलाज हुआ है. ऐसे में बड़ी संख्या में मरीज एक दो दवा से ही अपने मर्ज को ठीक करने में जुटे रहे.
इस वर्ष इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या
ओपीडी मरीजों की संख्या -696415
अत: कक्ष में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या-34069
गर्भवती महिलाएं जिन्हें प्रसव पूर्व जांच की सुविधा मिली-17576
गर्भवती महिलाएं जिन्हें प्रतिरक्षित किया गया-17441
सरकारी संस्थानों में कराये गये प्रसव की संख्या-9741
बच्चे जिन्हे पूर्ण प्रतिरक्षित किया गया-18801
परिवार नियोजन ऑपरेशन की संख्या-2146
मोतियाबिंद ऑपरेशन की संख्या-854

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