लटक कर यात्रा करने से जा सकती है जान अनदेखी. ट्रेन के

डिब्बे का गेट कर देते हैं जाम चेकिंग के लिए नहीं रहता एक भी टीटी ट्रेन से गिर कर असमय काल कवलित हो रहे यात्री दानापुर रेलमंडल के पटना-गया रेलखंड में यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डाल कर यात्रा करनी पड़ती है. बेटिकट यात्रा करनेवाले लोगों की संख्या काफी रहती है, जिनके द्वारा ट्रेन […]

डिब्बे का गेट कर देते हैं जाम

चेकिंग के लिए नहीं
रहता एक भी टीटी
ट्रेन से गिर कर असमय काल कवलित हो रहे यात्री
दानापुर रेलमंडल के पटना-गया रेलखंड में यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डाल कर यात्रा करनी पड़ती है. बेटिकट यात्रा करनेवाले लोगों की संख्या काफी रहती है, जिनके द्वारा ट्रेन के डिब्बे का गेट जाम कर दिया जाता है. ऐसी हालत में कई लोग गेट पर लटक कर यात्रा करने पर विवश रहते हैं.
जहानाबाद : पटना-गया के बीच जहानाबाद जिलास्तरीय स्टेशन है, जहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में महिला -पुरुष यात्री सफर करने के लिए ट्रेन पकड़ते हैं. लंबे समय से यह देखा जा रहा है कि पीजी लाइन में चलनेवाली खासकर पैसेंजर ट्रेनों में भीड़ अधिक रहती है. रेलवे सूत्रों के अनुसार जहानाबाद आदर्श रेलवे स्टेशन की श्रेणी में है. नियामानुकुल इस स्टेशन पर टीटी के द्वारा यात्रियों के टिकट की जांच प्रतिदिन होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता. नियुक्ति के नाम पर भले ही यहां टीटी की व्यवस्था बतायी जाती है,लेकिन वे यदा-कदा ही टिकट चेकिंग का दायित्व पूरा करते हैं.
17 जोड़ी एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों का होता है परिचालन: पटना-गया रेलखंड में अप और डाउन 17 जोड़ी एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन होता है. इनमें छह जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेन हैं. 22 अप और डाउन पैसेंजर ट्रेनें यानी 11 जोड़ी ट्रेनें अहले सुबह से रात तक इस रेलखंड में चलती हैं. रात में चलने वाली ट्रेनों में तो भीड़ कम रहती है, लेकिन सुबह से लेकर देर शाम तक जिन पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन होता है, उसमें लोगों को धक्का-मुक्की के बीच सफर करना पड़ता है.
आदर्श स्टेशन की श्रेणी में है जहानाबाद रेलवे स्टेशन
खतरे के बीच सफर करने की है विवशता
यात्रियों की भीड़ प्राय: हरेक ट्रेनों में रहती है. जहानाबाद से नदौल, तरेगना , नदवां , पोठही ,पुनपुन , परसाबाजार स्टेशन के अलावा कई हॉल्ट तक लोग जाते-आते हैं. इसी प्रकार जहानाबाद से गया के बीच टेहटा , मखदुमपुर , बेला , चाकंद स्टेशन के अलावा हॉल्टों पर जाने-आने के लिए लोग ट्रेन में सफर करते हैं. दैनिक यात्रियों के अलावा कई व्यवसायी , छात्र-छात्राएं एवं जनरल यात्री हजारों की संख्या में ट्रेनों की सेवा लेते हैं. बेटिकट यात्री ट्रेन के डिब्बे के गेट पर ही जमे रहते हैं. इस कारण ट्रेन के डिब्बे जाम हो जाते हैं और इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है अन्य यात्रियों को . भीड़ के कारण यात्री गेट पर लटक यात्रा करते हैं. इससे दुघर्टना की अशंका बनी रहती है.

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