शराब के खिलाफ महिलाएं मुखर हुई थीं. अरवल मोड़ के समीप सड़क जाम कर प्रदर्शन किया
जहानाबाद (नगर) : वर्ष 2015 के नौ जुलाई को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में महिलाओं ने नीतीश कुमार से शराब बंद करने की मांग उठायी थी. जहानाबाद में भी शराब के खिलाफ महिलाएं मुखर हुई थीं. अरवल मोड़ के समीप सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था. शराब की दुकानें खुलने का विरोध की थी.
अब आधी आबादी (महिलाएं) के सपने साकार हुए और मंगलवार को जब उन्होंने पूर्णत: शराबबंदी कानून लागू होने की खबर सुनी तो उनके चेहरे खिल उठे. महिलाओं से जब प्रभात खबर की टीम ने उनकी प्रतिक्रिया जानी तो खुशी से लबरेज हो उन्होंने कहा. भगवान को लड्डू चढ़ाऊंगी. नीतीश जी को बहुत-बहुत धन्यवाद. आधी आबादी ने बातचीत के दौरान अपनी प्रतिक्रिया इस प्रकार व्यक्त की.
पूर्णत: शराबबंदी सरकार का ऐतिहासिक और साहसिक कदम है. स्थिति ऐसी हो गयी थी कि बच्चे भी पीने लगे थे. यह कानून हमेशा के लिए लागू हो. शराब की बिक्री कभी चालू न हो. सीएम को बधाई.
जूली केसरी, शेखालमचक
सबों के लिए शुभ सामाचार है. हर महिला के लिए आज खुशी और गौरव की बात है. कई घर नशा के चलते बिगड़ गये थे अब शांति रहेगी.
आभा शर्मा, गांधी मैदान
गडेरिया खंड मोहल्ले की निवासी और 90 वर्षीय वृद्धा का मानना है कि वह वर्षों से इसका इंतजार कर रही थी कि दारू कब बंद होगा. परिवार उजड़ते देखा. पीनेवाले को औरतों को पीटते देखा. नशे की हालत में पियक्कड़ को ठेले पर लादकर घर पहुंचाते देखा. अब यह सब देखने को नहीं मिलेगी.
यशोदा देवी, गडेरिया खंड
पीकर सब बहुत नाटक करता था. नशे में पूरे जहानबाद को अपना कहता था. अपने को दादा समझता था. दो सौ रुपये कमाता था तीन सौ खर्च करता था. महिलाओं पर कर्जा हो जाता था. अब किसी का घर नहीं उजड़ेगा.
सोनी देवी, चुड़ी बिक्रेता
देर ही सही लेकिन उठाया गया कदम दुरुस्त है. नीतीश जी को बधाई. उन्होंने महिलाओं का दु:ख दर्द समझा. महिलाओं को प्रताड़ित होने के जख्म को जाना. अब लोगों के घरों में शांति रहेगी. घटना दुर्घटना में भी कमी आयेगी.
सुषमा देवी, गडेरिया खंड
अब महिलाओं को अकेले घुमने, बाजार करने या यात्रा करने में दिक्कत नहीं होगी. छेड़खानी की घटनाओं पर नियंत्रण होगा. महिलाओं की चीर-प्रतीक्षित मांग को मुख्यमंत्री जी ने पूरा किया. उन्हें धन्यवाद
अनुभा कुमारी, देवरिया.
