घोसी के रामगढ़ स्थित प्रतिभा पुंज पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम का हुआ आयोजन
प्रशासक ने कहा-आत्मरक्षा की प्राचीन कला है कराटे
जहानाबाद : कराटे पूर्णत: आत्मरक्षा की प्राचीन भारतीय कला है जो कालांतर में योग से अलग होकर चीन और जापान होते हुए आज फिर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में दिखाई दे रहा है. समय की जरूरत को महसूस करते हुए सीबीएसइ नयी दिल्ली ने अपने मान्यता प्राप्त सभी विद्यालयों में निर्देश दिया है कि इसे बच्चों के बीच अनिवार्य रूप से लागू किया जाये ताकि बाल्यवस्था से ही बच्चों में आत्मरक्षा की कला विकसित हो.
जिले के घोसी प्रखंड के रामगढ़ स्थित प्रतिभा पूंज पब्लिक स्कूल के सभागार में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में स्कूल के प्रशासक संत कुमार सिन्हा ने उक्त बातें कही. विद्यालय के नव प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं क बीच कराटे प्रशिक्षण के नाइन्थ क्यू स्तर के प्रमाणपत्र वितरण के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. गोल्डेन फिस्ते कराटे स्कूल जहानाबाद के सचिव पूनम कुमारी एवं जिला कराटे एसोसिएशन के अध्यक्ष अणुशक्ति सिंह के द्वारा प्रमणपत्र वितरित किया गया.
मौके पर कराटे प्रशिक्षक जयप्रकाश एवं वेद प्रकाश ने बच्चों के साथ कराटे का प्रदर्शन भी किया. इस अवसर पर पीपी शैक्षणिक समूह के चेयरमैन अभिराम सिंह ने स्कूली बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की ओर कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से बच्चों में आत्मबल बढे़गा .गौरव कुमार, अमन, शुभम, उत्पलकांत राहुल विनीत हेमंत राज, नेहल शर्मा, साधना कुमारी, अनिता, खुशी, संध्या और अदिती कुमारी को प्रमाणपत्र दिये गये.
