जहानाबाद की बेटी 'अमृता भारती' बनीं आपूर्ति पदाधिकारी, 70वीं BPSC में लहराया सफलता का परचम

70th Bpsc Result 2026 : जहानाबाद के हजामपुर गांव की अमृता भारती ने बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 1909वीं रैंक हासिल कर आपूर्ति पदाधिकारी पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है. दो प्रयासों में असफलता के बाद तीसरे प्रयास में मिली सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता को दिया है.

जहानाबाद से अविनाश कुमार की रिपोर्ट
70th Bpsc Result 2026 : प्रखंड क्षेत्र की पंडौल पंचायत अंतर्गत हजामपुर गांव की बेटी अमृता भारती ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 1909वीं रैंक हासिल कर आपूर्ति पदाधिकारी पद के लिए चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. चयन की सूचना मिलते ही गांव में खुशी का माहौल कायम हो गया और लोगों ने अमृता तथा उनके परिवार को बधाई दी.

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

अमृता भारती ने बताया कि उन्हें दो प्रयासों में असफलता मिली थी. हालांकि माता-पिता के प्रोत्साहन और अपने दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की. उनकी इस उपलब्धि से परिवार के सदस्य भी काफी खुश हैं.

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से की स्नातक की पढ़ाई

अमृता ने दसवीं तक की पढ़ाई एसबीबी पब्लिक स्कूल, पटना से की. इसके बाद मखदुमपुर प्रखंड स्थित भीमपुरा इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की. उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का रुख किया, जहां से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद लगातार मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने यह सफलता प्राप्त की.

अपने माता-पिता के साथ अमृता भारती

71वीं बीपीएससी और यूपीएससी पर भी नजर

अमृता का कहना है कि उनका लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है और वे आगे भी बेहतर करने का प्रयास जारी रखेंगी. उन्होंने बताया कि 71वीं बीपीएससी परीक्षा का मुख्य परीक्षा (मेंस) भी दे चुकी हैं. साथ ही वे यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने की तैयारी कर रही हैं.

माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय

अमृता के पिता विनोद कुमार बिहार जेल पुलिस, लखीसराय में जमादार के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. अमृता ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को दिया है. उनके बाबा परशुराम शर्मा ने कहा कि उनकी पोती ने न केवल गांव बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है और उन्हें विश्वास है कि वह यूपीएससी में भी सफलता हासिल करेगी.

भाई-बहनों के लिए बनीं प्रेरणा

दो बहनों और एक भाई में अमृता सबसे बड़ी हैं. उनकी सफलता से छोटे भाई-बहनों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी. गांव के लोगों ने कहा कि अमृता की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं, खासकर छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत है.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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