जहानाबाद : जिले के टेहटा ओपी व हुलासगंज थाने में विभिन्न कांडों के वांछित नक्सली सुबोध शर्मा को पुलिस ने नालंदा के इस्लामपुर स्थित किराये के मकान से गिरफ्तार किया है. गुप्त सूचना के आधार पर खिजरसराय थाना क्षेत्र के धनसिंगरा गांव के रहने वाले वांछित नक्सली की तलाश पुलिस को काफी लंबे समय से थी जो नक्सल गतिविधियों में संलिप्त रहा है तथा नक्सली कांडों में काफी दिनों से फरार चल रहा था.
फरार नक्सली सुबोध चढ़ा पुलिस के हत्थे
जहानाबाद : जिले के टेहटा ओपी व हुलासगंज थाने में विभिन्न कांडों के वांछित नक्सली सुबोध शर्मा को पुलिस ने नालंदा के इस्लामपुर स्थित किराये के मकान से गिरफ्तार किया है. गुप्त सूचना के आधार पर खिजरसराय थाना क्षेत्र के धनसिंगरा गांव के रहने वाले वांछित नक्सली की तलाश पुलिस को काफी लंबे समय से […]

उक्त नक्सली के खिलाफ हुलासगंज, मखदुमपुर, खिजरसराय, टेहटा सहित कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं. बताया जाता है कि गिरफ्तारी की डर से वह अपनी पहचान छिपा इस्लामपुर स्थित किराये के मकान में रह रहा था. पुलिस को बुधवार की रात गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त नक्सली इस्लामपुर में पहुंचा हुआ है.
सूचना के आलोक में जहानाबाद एसपी मनीष ने एक टीम गठित कर छापेमारी करायी. एसपी के निर्देश पर एएसपी अभियान अयोध्या सिंह, सहायक कमांडेंट एसएसबी अश्विनी कुमारी शुक्ला, एएसपी नालंदा के अलावे मखदुमपुर, हुलासगंज एवं इस्लामपुर थाने की पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से छापेमारी की गयी. गिरफ्तार नक्सली के खिलाफ हुलासगंज थाना में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं.
जबकि टेहटा ओपी में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. वहीं खिजरसराय थाने में भी एक मामला दर्ज है. बताया जाता है कि गिरफ्तार नक्सली माओवादी का शीर्ष नेता कमांडर प्रदूमण शर्मा एवं कुंदन चौरसिया का करीबी है तथा संगठन के लिए लेवी वसूलने से लेकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने का काम करता है. पुलिस गिरफ्तार माओवादी के आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है.
एनएच किनारे सूखे पेड़ में लगी आग, प्रशासन बेखबर
जहानाबाद. अरवल-जहानाबाद मुख्य मार्ग पर परसबिगहा थाना क्षेत्र के कसवां गांव के समीप एनएच किनारे सूखे पेड़ में बीते दो दिनों से आग लगी है. असामाजिक तत्वों द्वारा सूखे पेड़ में लगायी गयी आग से हजारों की संपत्ति नष्ट हो रही है लेकिन प्रशासन को इसकी खबर नहीं है.
बताया जाता है कि एक जनवरी से ही कसवां के समीप एनएच के उत्तर साइड में एक सूखे बरगद का पेड़ खड़ा है जिसमें कुछ असामाजिक तत्व के लोगों ने आग लगा दी है. आग लगने के कारण पेड़ के जड़ का काफी हिस्सा जल चुका है जो देखने से प्रतीत होता है कि पेड़ में कई दिनों से आग लगी है.
ऐसे में पेड़ के आधे से ज्यादा हिस्सा जलने के कारण कभी भी पेड़ टूटकर सड़क के बीचोंबीच या फिर सड़क किनारे गुजरने वाले राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि स्थानीय स्तर पर पेड़ को संरक्षित रखने एवं देखभाल करने की जिम्मेदारी वन विभाग से लेकर सीओ व स्थानीय थाने की पुलिस पर होती है लेकिन इन पदाधिकारियों के नजरों से ओझल हजारों रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान पहुंच रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस गश्ती के दौरान सड़क मार्ग गुजरती है लेकिन वह देखकर भी अनदेखी कर देती है. फिलहाल सड़क किनारे सूखे पेड़ से धुआं निकल रहा है.
माफिया की रहती है नजर
जानकार बताते हैं कि सड़क किनारे सूखे पेड़ पर लकड़ी माफिया की भी नजर रहती है जो ऐसे कारनामे कर पेड़ को आग लगा गिरा देते हैं तथा उसके विभिन्न हिस्सों को काटकर रातोंरात ले भागते हैं तथा उपयोगी लकड़ी का फर्नीचर बना बाजारों में ऊंचे दाम पर बेचकर माला माल हो जाते हैं. अगर ऐसे संपत्ति पर प्रशासन ध्यान दे तो जाड़े के मौसम में विभिन्न जगहों पर अलाव जलाने के लिए खरीदी जाने वाली लकड़ी में व्यय किये जाने वाले सरकारी राशि को भी बचाया जा सकता है.
क्या कहते हैं अधिकारी
एनएच किनारे सूखे पेड़ में लगी आग की जानकारी नहीं है. जाड़े के मौसम में कुछ लोग सूखे लकड़ी की टहनियों को एकत्रित कर अलाव जलाते हैं. गश्ती दल के पदाधिकारियों को भेजकर जानकारी ली जायेगी.
धीरेंद्र कुमार सिंह, थानाध्यक्ष, परसबिगहा