जांच दल ने किया निजी अस्पतालों का निरीक्षण, मेडिकल वेस्ट के निबटारे और प्रबंधन का लिया जायजा

जहानाबाद : शहर के चार निजी नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने बुधवार को बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट व निबटारे की व्यवस्था और तौर-तरीकों का निरीक्षण किया. डीएम के निर्देश पर जिले के अस्पतालों में एकत्रित बायोमेडिकल वेस्ट के निबटारे और प्रबंधन की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक टीम तैयार की […]

जहानाबाद : शहर के चार निजी नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने बुधवार को बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट व निबटारे की व्यवस्था और तौर-तरीकों का निरीक्षण किया. डीएम के निर्देश पर जिले के अस्पतालों में एकत्रित बायोमेडिकल वेस्ट के निबटारे और प्रबंधन की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक टीम तैयार की गयी थी.

उक्त टीम ने शहर के हॉस्पिटल मोड़ स्थित आदर्श नर्सिंग होम, होरिलगंज स्थित कांति ट्रस्ट हॉस्पिटल, पीजी रोड स्थित जीवन दीप हॉस्पिटल, वहीं अरवल मोड़ के समीप स्थित मगध हॉस्पिटल का निरीक्षण किया. जांच दल में दंडाधिकारी व औषधि निरीक्षक सत्यनारायण के साथ डॉ राशिद अहमद, लिपिक संतोष भट्ट, प्रधान लिपिक सिकरिया शामिल थे. टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद थी.
टीम ने अस्पतालों में उपचार के क्रम में निकलने वाले मेडिकल कूड़े संक्रमित सूई, प्रयुक्त दवाइयां समेत संक्रमण से युक्त चिकित्सकीय सामग्री के संग्रहण व उसके निबटारे के तरीकों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा अस्पताल संचालकों, कर्मियों से इस बारे में पूछताछ की. गौरतलब हो कि निजी नर्सिंग होम द्वारा बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट का उल्लंघन कर मेडिकल वेस्ट को जहां-तहां फेंकने की शिकायतें आ रही थीं.
शहर में कई जगह कूड़े के ढेरों में मेडिकल वेस्ट का पाया जाना इस बात का संकेत है कि निजी अस्पतालों द्वारा तय मानकों का उल्लंघन करके सामान्य कूड़े के साथ ही मेडिकल कूड़े का भी निबटारा कर दिया जा रहा है, जिससे शहरवासियों में संक्रमण फैलने और बीमारियों से ग्रसित होने की आशंका बढ़ गयी थी. अस्पतालों से निकलने वाले अलग-अलग प्रकार के मेडिकल वेस्ट के निबटारे के लिए अलग-अलग तरीके निर्धारित किये गये हैं.
लेकिन देखने में ऐसा आता है कि निजी अस्पताल के कर्मचारियों को इस तरह के कूड़े के सही ढंग से निबटारे के बारे में सही जानकारी नहीं होती है. अगर हॉस्पिटल से निकलने वाले इन अवशिष्ट का सही प्रकार से निवारण नहीं किया गया तो यह कई प्रकार के संक्रामक और असंक्रामक रोग फैला सकते हैं.
संस्थानों के पास बायोमेडिकल वेस्ट को ट्रीट करने के लिए आधुनिक उपकरण और इसके निराकरण के लिए उचित व्यवस्था का सर्टिफिकेट होना चाहिए. अगर इसका सर्टिफिकेट सही नहीं पाया जाता है तो नियमत: हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द भी किया जा सकता है. शहर से कुछ एजेंसियां प्रतिदिन सदर अस्पताल सहित कुछ निजी अस्पतालों से बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्ट कर ले जाती है और उसे निस्तारण प्लांट में इकट्ठा करके ट्रीट किया जाता है.
मेडिकल वेस्ट निबटारे का होगा समाधान
स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम द्वारा जिला मुख्यालय स्थित चार नर्सिंग होम में मेडिकल वेस्ट निबटारे संबंधी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया है. निरीक्षण की रिपोर्ट सब्मिट होने के बाद ही विशेष जानकारी दे पाऊंगा.
डॉ विजय कुमार सिन्हा, सीएस, सदर अस्पताल, जहानाबाद

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