फिर से बदरंग हुई संगम घाट की तस्वीर, चारों तरफ पसरी है गंदगी, छठ पूजा के बाद बंद है सफाई

जहानाबाद नगर : शहर के ठाकुरबाड़ी स्थित संगम घाट की छटा साल में दो बार छठ पर्व के समय देखते ही बनती है. घाट स्वच्छ और सुंदर नजर आता है, लेकिन छठ पर्व बीतते ही कुछ ही दिनों के बाद घाट की स्थिति बद से बदतर होती चली जाती है. फिलहाल घाट की सीढ़ियों पर […]

जहानाबाद नगर : शहर के ठाकुरबाड़ी स्थित संगम घाट की छटा साल में दो बार छठ पर्व के समय देखते ही बनती है. घाट स्वच्छ और सुंदर नजर आता है, लेकिन छठ पर्व बीतते ही कुछ ही दिनों के बाद घाट की स्थिति बद से बदतर होती चली जाती है. फिलहाल घाट की सीढ़ियों पर चारों तरफ गंदगी पसरी हुई है.

नदी में जमा गंदे पानी में गंदगी और जलकुंभियां तैर रही हैं. वहीं पानी से आती हुई दुर्गंध के कारण घाट पर ठहरना मुश्किल हो रहा है. सीढ़ियां और आसपास छोटे बच्चे समेत बड़े-बूढ़े भी शौच करते नजर आ जाते हैं. जबकि कहने के लिए जहानाबाद नगर पर्षद क्षेत्र पूरी तरह शौचमुक्त घोषित हो गया है.
संगम घाट पर सुबह-शाम शौचमुक्त जहानाबाद की घोषणा का माखौल उड़ते सहज ही देखा जा सकता है. घाट पर यहां-वहां आवारा पशु गंदगी में मुंह मारते रहते हैं. गांधी मैदान तरफ की घाट की सीढ़ियां वर्षों से टूटी हुई है, लेकिन उनकी मरम्मत अभी तक नहीं करवायी गयी है. वहीं गौरक्षणी मंदिर के तरफ घाट के निचले हिस्से में सीढ़ी निर्माण की योजना पर भी अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
ठाकुरबाड़ी के वार्ड पार्षद मुकेश भारद्वाज बताते हैं कि पूर्व में नगर पर्षद की कई बैठकों में घाट की सौंदर्यीकरण के लिए चर्चा हुई है. घाट पर दोनों तरफ बांध को ऊंचा करके सालों भर पानी जमा रखकर उसमें वोटिंग करवाने का प्रस्ताव कई सालों से अटका पड़ा है. शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने की यह योजना महज एक ख्वाब बनकर रह गयी.
किनारों पर बैठने के लिए सीमेंटेड कुर्सियां बनवाना, पौधारोपण करना आदि कई प्रस्ताव, जिन पर कार्य अभी तक आरंभ नहीं हुआ है. घाट पर पहले दो सफाई कर्मचारी नियुक्त थे, जो सुबह-शाम सफाई करते थे. छठ पर्व के बाद यह सफाई भी बंद है. घाट पर लाइटें लग गयी हैं, लेकिन दिन में भी बेकार जलती रहती हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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