प्रथम किस्त की राशि लेकर 1865 लाभुक बरत रहे लापरवाही
उपयोगिता प्रमाणपत्र के अभाव में नहीं दी जा रही दूसरी किस्त की राशि
जहानाबाद : शहरी क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय विहीन घरों में टॉयलेट बनाने की प्रगति संतोषजनक नहीं है. निर्माण कार्य धीमी गति से हो रहा है. वर्ष 2016 -2018 के बीच करीब डेढ़ साल के बाद भी शौचालय निर्माण का कार्य लक्ष्य से काफी दूर है. इससे इतर सामुदायिक शौचालय बनाने की योजना की तो शुरुआत ही नहीं हुई है. इस अवधि में शौचालय बनाने के लिए नगर पर्षद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में रहनेवाले लोगों के द्वारा दिये गये आवेदनों में 4327 लोगों के आवेदन स्वीकृत किये गये थे, जिसमें अब तक मात्र 795 शौचालयों का ही निर्माण हो सका है. इन लाभान्वितों के बीच दूसरी किस्त की राशि का भुगतान किया गया है.
नियम के मुताबिक वैसे लोगों के घरों में शौचालय बनाने की सरकारी योजना है, जो खुले में शौच करते हैं. इसके लिए सरकार के द्वारा प्रति लाभुक 12 हजार रुपये सहयोग राशि देने का प्रावधान है. पहली किस्त में 7500 और दूसरी किस्त में 4500 रुपये का भुगतान किया जाता है. अपने मनमाफिक टॉयलेट बनाने में इससे अधिक राशि खर्च होने पर लाभान्वित उसका वहन स्वयं करते हैं.
प्रथम चरण में 4327 शौचालय बनाने की दी गयी है स्वीकृति :सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छता अभियान की शुरुआत होने पर वर्ष 2016 में नगर पर्षद क्षेत्र के वार्डों के जरूरतमंद लोगों से आवेदन लिये गये थे. नगर पार्षदों ने अनुशंसा की थी. पर्षद कार्यालय से कर्मचारी संबंधित आवेदकों के घरों में जाकर वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की थी और फर्स्ट फेज में जांच के बाद 4327 लोगों के घरों में शौचालय बनाने के लिए उनके आवेदन स्वीकृत किये थे. इसमें 2660 लोगों के बीच प्रति लाभान्वित 7500 रुपये प्रथम किस्त की राशि का भुगतान किया गया था. इसमें 1865 आवेदक अभी ऐसे हैं, जिन्होंने राशि की उपयोगिता पर्षद कार्यालय को नहीं बतायी है. ऐसे घरों में नगर पर्षद के कर्मियों ने तहकीकात के दौरान पाया कि कहीं सिर्फ गड्ढे खोदकर छोड़ दिये गये हैं तो कुछ लोगों ने दी गयी प्रथम किस्त की राशि का सही ढंग से उपयोग न कर निर्माण कार्य की सिर्फ खानापूर्ति की है. इस कारण उन्हें दूसरी किस्त की राशि नहीं दी जा रही है. जबकि 795 परिवारों ने दूसरी राशि प्राप्त कर शौचालय का निर्माण पूरा कर लिया है. इसके अलावा अन्य स्वीकृत आवेदनों में निर्माण मद की राशि निर्गत करने की कार्रवाई की जा रही है.
लापरवाह लाभुकों पर हो रही नोटिस की कार्रवाई
नगर पर्षद प्रशासन शौचालय निर्माण की दिशा में सजग है लेकिन लाभुकों की एक बड़ी संख्या प्रथम किस्त की राशि का सदुपयोग नहीं कर पायी है. स्थल जांच कर किये गये काम की स्थिति संतोषजनक नहीं पाये जाने पर दूसरी किस्त का भुगतान रोका गया है. लापरवाही बरत रहे लाभुकों को अब शौचालय निर्माण में तेजी लाने के लिए उन्हें नोटिस देने की कार्रवाई की जा रही है. शेष स्वीकृत आवेदनों के आलोक में शौचालय निर्माण की राशि निर्गत की जा रही है.
संजीव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद, जहानाबाद
